UP News : ग्रेटर नोएडा में नई योजना, आवंटित जमीन का इस्तेमाल इंडस्ट्री सहित कामर्शियल भी करने की छूट
उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था व देश के ग्रोथ इंजन के तौर पर स्थापित करने के साथ ही योगी सरकार प्रदेश को देश का कमर्शियल हब बनाने पर फोकस कर रही है।
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उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था व देश के ग्रोथ इंजन के तौर पर स्थापित करने के साथ ही योगी सरकार प्रदेश को देश का कमर्शियल हब बनाने पर फोकस कर रही है। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा में इंडस्ट्रियल इकाई लगाने वाले निवेशकों को एक खास स्कीम के जरिए उद्योग के अतिरिक्त भूमि के कामर्शियल उपयोग की भी अनुमति दी जाएगी। इस स्कीम में औद्योगिक भूखंडों का आवंटन होगा। जिसमें भूखंड प्राप्त करने वाले कोर इंडस्ट्रियल कामकाज के अलावा दो कमर्शियल सुविधाओं का भी इन भूखंडों पर संचालन कर सकेंगे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने सेक्टर 24 के लिए आवेदन मांगे हैं। 28 सितंबर से शुरू हुई इस प्रक्रिया के अंतर्गत 80 से लेकर 151 करोड़ रुपए के बीच प्लॉट्स का प्रीमियम निर्धारित किया गया है।
विश्वस्तरीय सुविधाओं का मिलेगा लाभ
उल्लेखनीय है कि जेवर एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, यमुना एक्सप्रेसवे व बुद्ध सर्किट से निकटता के कारण बेहतर कनेक्टिविटी और पॉड ट्रांजिट सिस्टम के रूप में भारत में अपनी तरह की पहली विश्व स्तरीय परियोजना समेत तमाम सुविधाओं का लाभ प्लॉट लेकर इंडस्ट्रियल यूनिट लगाने वालों को मिलेगा। इस परियोजना में प्लॉट्स लेने के इच्छुक आवेदक 20 अक्टूबर 2023 तक आवेदन कर सकते हैं।
तीन तरीके से हो सकेगा भूखंड का इस्तेमाल
यीडा की वेबसाइट पर मिक्स्ड लैंड यूज इंडस्ट्रियल प्लॉटिंग स्कीम के बारे में जारी की गई जानकारियों में प्लॉट्स के क्षेत्रफल, सेक्टर समेत कुल प्रीमियम के बारे में जानकारी दी गई है। टोटल प्रीमियल प्राइस (पीएलसी के साथ) 80.32 करोड़ रुपए से लेकर 151.82 करोड़ रुपए के बीच रखी गई है। खास बात यह है कि इस स्कीम के जरिए भूखंड प्राप्त करने वाले आवेदनकर्ताओं को कम से कम निर्धारित भूखंड के 75 प्रतिशत हिस्से को कोर इंडस्ट्रियल रीजन के तौर पर इस्तेमाल में लाना होगा जबकि अन्य क्षेत्र का इस्तेमाल वह अधिकतम दो कमर्शियल क्षेत्र के तौर पर कर सकता है। इस परियोजना के आवेदन समेत बैंकिंग ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए यीडा ने बैंक ऑफ बड़ौदा से हाथ मिलाया है।