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यूपी: उमस और गर्मी की वजह से बिजली खपत का बना रिकॉर्ड, जून से ज्यादा हुई बिजली की मांग
Sun, 23 Jul 2023 08:14 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Sun, 23 Jul 2023 08:14 AM IST
सार
उमस और गर्मी की वजह से बिजली की खपत ने रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश में बिजली खपत 27622 मेगावाट पर पहुंच गई है जो कि जून से भी ज्यादा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रदेश में बिजली खपत 27622 मेगावाट पर पहुंच गई है। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। ऐसे में जहां निगमों ने कटौती शुरू कर दी है तो दूसरी तरफ लोकल फाल्ट ने उपभोक्ताओं की मुसीबत बढ़ा दी है। भीषण उमस और गर्मी में बार- बार ट्रिपिंग से लोगों की रात की नींद उड़ी है। ग्रामीण इलाके में 49 मिनट तो नगर पंतायत और बुदेलखंड में 30 मिनट की आपूर्ति कम कर दी गई है।
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प्रदेश में जून माह में अधिकतम आपूर्ति 27611 मेगावॉट थी। यह शुक्रवार रात 11.30 बजे 27622 मेगावॉट पर पहुंच गई। जबकि न्यूनतम मांग 17909 मेगावाट रही। ऐसे में 14251 मेगावाट बिजली आयातित करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के तापीय गृहों से 4069 मेगावाट और बैंकिंग से 3812 मेगावाट बिजली मिली। विभाग का दावा है कि रिकॉर्ड मांग होने के बाद भी उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली दी गई, लेकिन हकीकत एकदम अलग है।
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स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक औसत आपूर्ति की अपेक्षा ग्रामीण इलाके में 49 मिनट, नगर पंचायतों और बुंदेलखंड में 30-30 मिनट की कटौती की गई है। इसके अलावा लोकल फाल्ट की वजह से भी लोग परेशान रहे। राजधानी लखनऊ में कई इलाके में शुक्रवार और शनिवार को लगातार कटौती का दौर जारी रहा। यही स्थिति विभिन्न जिलों की रही। बिजली कटौती और लोकल फॉल्ट की वजह से लोगों की नींद उड़ी रही। सुबह पेयजल तक का संकट बना रहा।
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दो माह की चुनौती- देवराज
पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष एम देवराज ने दावा किया कि प्रदेश में सभी क्षेत्रों को निर्धारित शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अगले दो माह विद्युत व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में शिड्यूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति के लिए हर स्तर पर सावधानी बरतें। जहां भी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हों उन्हें अतिशीघ्र बदला जाए। ट्रॉली ट्रांसफार्मर रिजर्व में उपलब्ध रहें। अधिकारी अपना फोन उठाएं। साथ ही 1912 पर आ रही सूचना या शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने विद्युत उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अपना विद्युत बिल समय से जमा करें। ऐसा कोई नियम विरुद्ध कार्य ना करें, जिससे विद्युत व्यवस्था संचालन में नकारात्मक प्रभाव पड़े।