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नगर निगम में अफसरों के नए सीयूजी नंबर बंद, बढ़ी मुसीबत, 2000 शिकायतें अटकीं

Mon, 25 Oct 2021 01:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 01:45 AM IST
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New cug number of officers of nagar nigam are off
नगर निगम में अफसरों के सीयूजी नंबर बदले। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
प्रवेंद्र गुप्ता
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राजाजीपुरम के ई-ब्लॉक में टैंपो स्टैंड के पास मकान नंबर 4001 के सामने छह महीने से मैनहोल ध्वस्त है। यहां रहने वाली कंचन ने 11 अक्तूबर को शिकायत की, पर अब तक यह ठीक नहीं हुआ है।
वृंदावन कॉलोनी के सेक्टर-3 निवासी शुभम अग्रवाल ने 15 अक्तूबर को नगर निगम के कंट्रोल रूम पर फॉगिंग न होने की शिकायत की। इसके बावजूद अब तक कुछ नहीं हुआ।
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निशातगंज तीसरी गली में नेताजी पार्क के पास मकान के सामने कूड़े का ढेर है। राकेश वर्मा ने 18 अक्तूबर को इसकी शिकायत दर्ज कराई, पर अब तक सफाई नहीं हो सकी है।
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इंदिरानगर सेक्टर-18 में मकान नंबर 361 के सामने कूड़ा पड़ा है। बीआर सिंह ने बृहस्पतिवार को निगम के कंट्रोल रूम पर सूचना दी, लेकिन सफाई नहीं हुई।
नगर निगम के कंट्रोल रूम में दर्ज ऐसी सैकड़ों शिकायतें समाधान के इंतजार में अटकी हैं। इस माह अफसरों व कर्मचारियों तक के सीयूजी नंबर बदल दिए गए हैं और ज्यादातर अफसरों ने सीयूजी नंबर चालू ही नहीं किए हैं।
इससे कंट्रोल रूम में दर्ज होने पर शिकायतें संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के नंबर पर फॉरवर्ड तो हो रही हैं, मगर निस्तारण नहीं हो रहा है।
जानकार बताते हैं कि इस वक्त करीब दो हजार जनशिकायतें ऐसी हैं जिनको जिम्मेदारों ने देखा ही नहीं है।
इसी महीने की शुरुआत में नगर निगम ने अपने सीयूजी नंबर बदल दिए हैं। पहले वोडाफोन के नंबर थे, जिनको बंदकर दिया गया। अब जियो के नंबर लिए गए हैं।
नए नंबर आए करीब 20 दिन हो गए हैं। पहल नगर निगम ने 300 अधिकारियों-कर्मचारियों को सीयूजी नंबर जारी किए थे जबकि अब जियो के महज 82 नंबर ही जारी हुए है। उनमें आधे नंबर चालू ही नहीं हुए हैं। ऐसे में दीपावली पर लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पोर्ट करा लेते बदलने की क्या जरूरत थी
महात्मा गांधी वार्ड केपार्षद अमित चौधरी कहते हैं कि एक तो नंबर बदलने ही नहीं चाहिए थे। बहुत जरूरी था तो पोर्ट करा लेते। नए नंबर लगते ही नही हैं। बहुत समस्या है। पार्षद रेखा सिंह और पर्वू पार्षद नागेंद्र सिंह कहना है कि सीयूजी नंबर को बदलना ही नहीं चाहिए था। अब बदल लिए हैं तो अधिकारी-कर्मचारी नंबराें को चालू करें। पूर्व पार्षद रुद्र प्रताप सिंह व पार्षद शैलेंद्र सिंह बल्लू का कहना है कि सीयूजी नंबर बदलने से बहुत समस्या है। नंबर बदलने से अधिकारी-कर्मचारी तो मजे में हैं, पर जनता परेशान है।

सिटीजन चार्टर के अनुसार कितने दिन में किस समस्या का होना चाहिए निदान
- सफाई व कूड़ा उठान की शिकायत-1 दिन
- पड़ाव घर से कूड़ा न उठने की शिकायत-1 दिन
- मलवा न उठने की शिकायत-2 दिन
- पानी लाइन में लीकेज की शिकायत-1 दिन
- पानी न आने की शिकायत-1 दिन
- पानी गंदा आने की शिकायत-1 दिन
- सीवर चोक की समस्या-3 दिन
- सीवर ढक्कन खुला होने की शिकायत- 2 दिन
- स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत-3 दिन
- दिन में स्ट्रीट लाइट न जलने की शिकायत-1 दिन
जिन भी अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीयूजी मोबाइल नंबर चालू नहीं किए हैं उनसे जवाब-तलब किया जाएगा। सबके नंबर चालू कराए जाएंगे। जो शिकायतें पेंडिंग हैं उनका निस्तारण होगा और जिम्मेदार अफसरों के निजी नंबर पर शिकायतों को निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम से भेजा जाएगा।
- अभय पांडेय, अपर नगर आयुक्त प्रशासन
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