नैक मूल्यांकन कराने पर ही मिलेगी नए कोर्स की मान्यता : डॉ. शर्मा
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उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि नैक मूल्यांकन कराने वाले राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी महाविद्यालयों को ही नए कोर्स शुरू करने की मान्यता दी जाएगी।
प्रदेश में 90 प्रतिशत से भी अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और निजी उच्च शिक्षण संस्थाओं में नैक मूल्यांकन न होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हर शिक्षण संस्थान को मूल्यांकन में ए-ग्रेड प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। निर्धारित मापदंड के आधार नैक की तैयारी करेंगे तो उच्च ग्रेड अवश्य मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री गुरुवार को योजना भवन में प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) से कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और राज्य उच्च शिक्षा परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में बोले रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक एक बार भी नैक मूल्यांकन नहीं कराने वाले विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से जवाब-तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवि का नैक मूल्यांकन नहीं कराना अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने ऐसे समस्त विश्वविद्यालयों को जल्द से जल्द नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। डॉ शर्मा ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपने संबद्ध केवल उन्हीं महाविद्यालयों को नए कोर्स शुरू करने के लिए मान्यता दें जो नैक से मूल्यांकन कराया जाना सुनिश्चित करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन नैक से कराना अनिवार्य है।
सभी विवि और महाविद्यालयों को कराना होगा नैक मूल्यांकन
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा कि सभी राज्य विश्वविद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन कराना अनिवार्य है। उन्होंने नैक मूल्यांकन में ए-श्रेणी की संस्थाएं कम होने पर चिंता जाहिर करते हुए अधिक से अधिक विवि, महाविद्यालयों को ए श्रेणी में लाने के लिए प्रयास करने को कहा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के 19 राज्य विश्वविद्यालयों में से 8 विश्वविद्यालय नैक संस्था से मूल्यांकित हैं। इनमें 1 विवि ए ग्रेड, 6 विवि बी ग्रेड, और एक विवि सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं। शेष 11 राज्य विवि का नैक मूल्यांकन कराया जाना है।
प्रदेश में 159 राजकीय महाविद्यालयों में से 33 महाविद्यालय बी ग्रेड, 7 महाविद्यालय सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं। शेष 119 राजकीय महाविद्यालयों का भी नैक मूल्यांकन कराया जाना है। उन्होंने विवि और महाविद्यालयों का नैक मूल्यांकन जल्द कराने के निर्देश दिए।
तिवारी ने कहा कि 331 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में से सिर्फ 85 नैक मूल्यांकित हैं। उन्होंने कहा कि जो महाविद्यालय सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं उन्हें ए ग्रेड में मूल्यांकन के लिए प्रयास करना चाहिए। 27 निजी विश्वविद्यालयों में भी सिर्फ 8 ही नैक मूल्यांकित हैं।
वहीं प्रदेश में 6531 स्वावित्तपोषित महाविद्यालयों के सापेक्ष 306 महाविद्यालय नैक से मूल्यांकित हैं।
नैक मूल्यांकन से डरें नहीं
कार्यशाला में कानपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में नैक मूल्यांकन की मान्यता के मॉडल, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरविंद कुमार दीक्षित ने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन के लिए प्रोत्साहित करने के विषय पर विचार रखे।
कार्यशाला में राज्यमंत्री उच्च शिक्षा नीलिमा कटियार, सचिव उच्च शिक्षा आर.रमेश कुमार, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. वंदना शर्मा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं को-ऑर्डिनेटर और सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।
नैक एडवाइजर डॉ के. रमा ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों के लिए नैक मूल्यांकन कराना अनिवार्य है, नैक मूल्यांकन से डरने की आवश्यकता नहीं है। नैक मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है।
पूरी तैयारी के साथ नैक मूल्यांकन प्रपत्र ऑनलाइन प्रस्तुत किया जाए। नैक कराने के लिए 7 मापदंडों का निर्धारण किया गया है उसी के हिसाब से पूरी तैयारी की जाए।