यूपी के विकास के लिए आगे आईं डच कंपनियां
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नीदरलैंड यात्रा के 15 दिन के भीतर ही भारत में नीदरलैंड के राजदूत एलफांसस स्टोलिंगा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल सोमवार को लखनऊ पहुंचा।
दल ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मुलाकात के दौरान निवेश व साझेदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
नीदरलैंड के राजदूत नामी डच कंपनियों के 20 सदस्यीय दल के साथ सोमवार को लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस दौरान नीदरलैंड की मदद से चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर में सेंटर आफ एक्सीलेंस इन पोटैटो कल्टीवेशन एंड प्रोसेसिंग स्थापित करने तथा वैजेनिन्जेन यूनिवर्सिटी नीदरलैंड व इस विश्वविद्यालय के बीच जानकारी के आदान-प्रदान के लिए एमओयू को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य सचिव ने दी जानकारी
इससे पहले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव आलोक रंजन से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश व साझेदारी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजीव सरन व अन्य अधिकारियों ने डच प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश की विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी।
डच प्रतिनिधि सड़क, ऊर्जा, एक्सप्रेस-वे व जलशोधन परियोजनाओं के अलावा स्वास्थ्य, मेगा फ्रूट पार्क, स्टेडियम प्रबंधन व खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में सहयोग व निवेश के इच्छुक दिखे।
सीएम के साथ बैठक के दौरान राजनैतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी, मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संजीव सरन, सचिव मुख्यमंत्री आमोद कुमार, विशेष सचिव मुख्यमंत्री जीएस नवीन कुमार आदि मौजूद थे।
इन क्षेत्रों में निवेश करेगा नीदरलैंड
भारत में नीदरलैंड के राजदूत एलफांसस स्टोलिंगा का कहना है, 'नीदरलैंड के निवेशक सूबे में सड़क, ऊर्जा, एक्सप्रेस-वे व जलशोधन परियोजनाओं में निवेश व काम को इच्छुक हैं। प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई उद्यमी स्वास्थ्य, मेगा फ्रूट पार्क, स्टेडियम प्रबंधन व खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में सहयोग व निवेश की इच्छा रखते हैं। नीदरलैंड दूतावास डच कंपनियों द्वारा राज्य में निवेश की प्रक्रिया में भी सहयोग के लिए तैयार है।'
सूबे में नीदरलैंड द्वारा निवेश की रुचि पर प्रमुख सचिव आलोक रंजन का कहना है कि कृषि उत्पादों का बड़ा हिस्सा विभिन्न कारणों से बर्बाद हो जाता है। ऐसे में कृषि उत्पादों के परिवहन व कोल्ड चेन की स्थापना में नीदरलैंड की कंपनियां बड़ा योगदान दे सकती हैं।
वहीं, नीदरलैंड की तकनीक व वहां की कंपनियों द्वारा डेयरी व कुक्कुट उद्योग का बड़ा केंद्र स्थापित करने से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय बाजारों में भी खपत बढ़ेगी।