बंपर भर्ती, फिर भी डेढ़ लाख शिक्षकों की कमी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में तीन साल से रुकी हुई शिक्षक भर्ती प्रक्रिया चल तो जरूर पड़ी है पर अच्छी शिक्षा के यह नाकाफी है।
राज्य सरकार को गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए शिक्षकों के और भी रिक्त पदों को जल्द ही भरना होगा।
प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में मौजूदा समय शिक्षकों के 5,83,724 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से मात्र 2,88,818 शिक्षक ही कार्यरत हैं।
शिक्षा विभाग अभियान चलाकर 1,70,985 शिक्षकों की भर्ती करने जा रहा है। इन पदों पर भर्ती होने के बाद भी परिषदीय स्कूलों में करीब 1,34,992 शिक्षकों के पद खाली रह जाएंगे।
ये है अच्छी शिक्षा व्यवस्था का मानक
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए तय मानक के मुताबिक प्राइमरी में 30 बच्चों पर एक और उच्च प्राइमरी में 35 बच्चों पर एक शिक्षक रखने की व्यवस्था है।
केंद्र सरकार से निर्धारित इस मानक का पालन न के बराबर हो रहा है। किसी स्कूल में छात्र क्षमता से अधिक शिक्षक हैं तो कुछ स्कूलों में एक ही शिक्षक हैं।
यह स्थिति पिछले तीन सालों से शिक्षकों की भर्ती न हो पाने की वजह से हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग अब इस कमी को पूरा करना चाहता है।
उसका प्रयास है कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द से जल्द दूर कर दी जाए, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा सके, पर जितने शिक्षकों की भर्तियां शुरू हुई है वह नाकाफी है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि खाली शेष शिक्षक के पदों पर भी शीघ्र भर्ती के लिए आवेदन मांगे जाएं।
ये है जमीनी हकीकत
प्राइमरी में टीईटी पास बीएड--72,825
प्राइमरी में शिक्षा मित्रों का समायोजन--58,826
बीटीसी शिक्षकों की भर्ती--10,000
उच्च प्राइमरी में भर्ती--29,334
प्राइमरी स्कूल--1,54,272
उच्च प्राइमरी--76,782
शिक्षक--कुल पद--कार्यरत--रिक्त
प्राइमरी--4,22,127--1,85,729--2,36,398
उच्च प्राइमरी--1,61,597--92,098--69,499