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Lucknow News: दीपावली मेले में छात्राओं ने दिखाया हुनर
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मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित तोरण और घरेलू व्यंजनों के स्टॉल रहे आकर्षण
लखनऊ। नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर में बुधवार को दीपावली मेले का आयोजन किया गया। रंग दे बसंती संस्था और महाविद्यालय की अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित मेले में छात्राओं ने स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल दीपावली का संदेश दिया। परिसर में मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित तोरण, रंगोली और घरेलू व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।
मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने किया।
इस दौरान संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, संयोगिता सिंह चौहान और महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय मौजूद रहीं। छात्राओं के साथ दिव्यांग बच्चों ने भी आशा ज्योति और पायसम के स्टॉल लगाए। मंच पर गायन और रचनात्मक प्रस्तुतियां हुईं। विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए। विभा सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। अपर्णा यादव ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से पहचान बना रही हैं। प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने कहा कि मेले से छात्राओं में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान विकसित होता है।
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लखनऊ। नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर में बुधवार को दीपावली मेले का आयोजन किया गया। रंग दे बसंती संस्था और महाविद्यालय की अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित मेले में छात्राओं ने स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल दीपावली का संदेश दिया। परिसर में मिट्टी के दीये, हस्तनिर्मित तोरण, रंगोली और घरेलू व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे।
मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने किया।
इस दौरान संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, संयोगिता सिंह चौहान और महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय मौजूद रहीं। छात्राओं के साथ दिव्यांग बच्चों ने भी आशा ज्योति और पायसम के स्टॉल लगाए। मंच पर गायन और रचनात्मक प्रस्तुतियां हुईं। विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए। विभा सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं। अपर्णा यादव ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से पहचान बना रही हैं। प्राचार्य प्रो. मंजुला उपाध्याय ने कहा कि मेले से छात्राओं में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान विकसित होता है।
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