'महात्मा गांधी की जगह नाथूराम गोडसे नहीं ले सकता'
सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो.आजम खां ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर हमला बोला। उन्होंने कहा,योग दिवस को धर्म दिवस में तब्दील कर मोदी ने संविधान की हत्या की है। देश के प्रधानमंत्री पर अभी तक गुजरात के बेगुनाहों के खून का इल्जाम था।
अब उन्होंने देश के संविधान की हत्या की है। महात्मा गांधी की जगह उनका हत्यारा नाथूराम गोडसे नहीं ले सकता। आजम ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष देश की सरकार धार्मिक कार्यक्रम में शरीक होने और धर्म विशेष की पूजा-पाठ करने के लिए अन्य धर्म के लोगों को मजबूर कर रही है।
इन कामों के चलते सरकार शासन करने के बजाय देश को कुशासन की ओर ले जाने की साजिश रच रही है। उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड से इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन चलाने की अपील की।
मुस्लिम देशों को भी आजम खां ने लिया आड़े हाथ
आजम ने कहा कि डॉ.भीमराव द्वारा लिखे संविधान को आरएसएस की स्थापना करने वाले हेडगेवार के संविधान से नहीं बदला जा सकता। ऐसा हुआ तो संविधान की मूल मर्यादा बचाने के लिए क्रांति की आवश्यकता होगी।
आजम ने ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के अपमान का मुकदमा दायर करे। साथ ही राष्ट्रपति से केंद्र सरकार को बर्खास्त करने की अपील भी करे। यह आग्रह भी करे कि देश में चुनाव न्यायालय की देखरेख में कराए जाएं।
आजम ने योग का समर्थन करने वाले मुस्लिम देशों की भी आलोचना की। कहा कि जिन्होंने योग को कसरत मानकर यह काम किया,वहां की धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
आजम ने संयुक्त राष्ट्र संघ को भी नहीं बख्शा। कहा योग के नाम पर हिंदू-मुसलमानों को बांटने के लिए उसे जवाब देना चाहिए। कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ अमेरिका का पिट्ठू और धर्म की दुश्मन संस्था है।