सुविधाः आपके मोबाइल पर हर जानकारी देगा नगर निगम, खुद भी फीड कर सकते हैं नंबर
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गृहकर में कितनी छूट चल रही है और वह कब तक मिलेगी। कितना हाउस टैक्स बकाया है। नगर निगम कौन सी नई सेवा शुरू करने जा रहा है। इस सबकी जानकारी अब गृहकरदाताओं को घर बैठे मिल जाएगी। इसके लिए नगर निगम प्रशासन उनके मोबाइल पर मेसेज भेजेगा। ऑनलाइन हाउस टैक्स जमा करने या उससे जुड़ी किसी जानकारी के लिए गृहकरदाताओं के मोबाइल पर वेबसाइट का लिंक भी भेजा जाएगा।
इसके लिए नगर निगम ने 30 लाख एसएमएस का पैक भी एनआईसी से बुक करा लिया है। जिससे दो-तीन दिन में लिंक का एसएमएस भेजने का काम शुरू कर दिया जाएगा। लखनऊ में करीब छह लाख गृहकरदाता हैं। उनमें 2.90 लाख भवन स्वामियों के मोबाइल नम्बर नगर निगम के गृहकर सॉफटवेयर में फीड हो गए हैं।
शेष के नंबर भी नगर निगम फीड करता जा रहा है। उसके लिए ही अब बिना मोबाइल नंबर के न तो हाउस टैक्स जमा होता है और न नया कर निर्धारण हो पाता है। इसके साथ ही गृहकर नामांतरण भी अब मोाबइल नंबर फीड कराए बिना नहीं हो पाता है। इससे अब नगर निगम के पास मोबाइल नम्बर बढ़ते जा रहे हैं। इसके जरिए टैक्स जमा होने पर मैसेज भी गृहकरदाता के मोबाइल पर पहुंचने लगा है।
गृहकर की सभी सुविधाओं के लिए भेजा जाएगा लिंक
आपका गृहकर जमा है कि नहीं, ओटीएस के तहत ऑनलाइन गृहकर कैसे जमा होगा। आप अपने गृहकर का बिल निकालना चाहते हैं या अपना टैक्स ऑनलाइन ही घर बैठे जमा करना चाहते हैं। इसके लिए नगर निगम सभी गृहकरदाताओं के मोबाइल नंबर पर उनकी हाउस आईडी के साथ अॅानलाइन सुविधा का लिंक भेजेगा। इस पर क्लिक करते ही भवन स्वामी सीधे नगर निगम की वेबसाइट पर पहुंच जाएगा, जहां हाउस टैक्स से जुड़ी सभी सेवाओं का उपयोग करने के साथ ही जानकारी भी कर सकेगा।
अन्य सेवाओं की भी दी जाएगी जानकारी
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि गृहकर के अलावा स्वच्छ भारत मिशन, स्वच्छता अभियान व अन्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी नगर निगम अब एसएमएस केमाध्यम से सीधे गृहकरदाताओं को भेजेगा। इससे अब नगर निगम सीधे गृहकरदाता से जुड़ जाएगा और उसे किसी भी जानकारी के लिए इधर-उधर परेशान नहीं होना पड़ेगा।
सात पैसे का एसएमएस और एक पैसा जीएसटी
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि 30 लाख एसएमएस का पैक करीब 2.10 लाख रुपये का पड़ रहा है। इसमें एक एसएमएस पर करीब सात पैसे का पड़ रहा है और उस पर करीब एक पैसा जीएसटी का खर्च आ रहा है। एक साल का यह पैक है जो एसएमएस बच जाएंगे वह अगले साल केपैक में एनआईसी जोड़ देगा।
खुद भी फीड कर सकते हैं मोबाइल नंबर
एसएमएस की सुविधा से गृहकरदाता सीधे नगर निगम से जुड़े रहेंगे। जिन गृहकरदाताओं के मोबाइल नंबर फीड हो गए हैं उन सभी को लिंक भेजा जाएगा, जिसके जरिये वह अपना हाउस टैक्स का काम सीधे साइट पर जाकर कर सकेंगे। जिन गृहकरदाताओं के मोबाइल नंबर अभी फीड नहीं है वह खुद भी सीधे एलएमसी डाट यूपी डाट एनआईसी की वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर फीड कर सकते हैं। - अशोक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी