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भारी विरोध के बीच नगर निगम सदन में 1687 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी
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नगर निगम सदन में पहुची महापौर संयुक्ता भाटिया सदन के दौरान विपक्ष पार्षद का महापौर से लेकर होती ब
हंगामा, विरोध और धरना-प्रदर्शन के बाद नगर निगम सदन ने रविवार को 1687 करोड़ आय और 1642 करोड़ रुपये व्यय का बजट पास कर दिया। सबसे खास बात यह रही कि पार्षद कोटे की राशि को 100 करोड़ से बढ़ाकर 149 करोड़ रुपये किया गया, जबकि सड़क निर्माण, नाला सफाई जैसे काम से जुड़े 24 मदों में कटौती कर दी गई है। 95 लाख रुपये पार्षद कोटे के काम नगर निगम निधि से कराए जाने को लेकर सदन में हुए संशोधन के कारण विकास कार्य से जुड़े मदों में कटौती करनी पड़ी। अब चार माह से ठप पार्षद कोटे के विकास कार्य शुरू हो जाएंगे। सदन ने हर वार्ड में नगर निगम खजाने से 95 लाख रुपये के विकास कार्य कराने की मंजूरी दे दी। 27 लाख रुपये की पहली किस्त भी इसी महीने जारी कर दी जाएगी।
करीब चार घंटे चली चर्चा के बाद नगर निगम सदन ने बीते 25 फरवरी को कार्यकारिणी में पेश बजट के 24 मदाें में बदलाव करते हुए बजट को पास किया। सदन में पास प्रस्ताव के तहत 95 लाख रुपये पार्षद कोटे के काम अब नगर निगम निधि से ही कराए जाएंगे। पहले 50 लाख के काम 14वें वित्त से और शेष 45 लाख के काम नगर निगम निधि से कराए जाने का प्रस्ताव पार्षदों ने खारिज कर दिया। शहर को गंदा करने वालों पर स्पॉट फाइन लगाने और 9.80 करोड़ की नई योजनाओं को भी पास कर दिया। उससे पहले सदन में सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने बजट को सदन में पेश किए जाने को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब कार्यकारिणी की कार्रवाई जारी न होने से बजट नगर आयुक्त का हो गया तो अब उसे सदन में लाकर संशोधन कैसे किया जा सकता है। उसको लेकर कांग्रेस और सपा के पार्षदों ने सदन में हंगामा बवाल करने के साथ ही धरना भी दिया।
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ये हुए बदलाव
पार्षद कोटे में कुल 49 करोड़ बढ़े
पार्षद कोटे तहत वार्डों में कराए जाने वाले विकास कार्याें के लिए बजट में 49 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। कार्यकारिणी ने इस मद में 100 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। इसे 149 करोड़ रुपये कर दिया है।
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कहां-कहां की कटौती...
पेंशन में पांच करोड़ की कटौती
नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन भुगतान ने लिए कार्यकारिणी ने बजट में 60 करोड़ रुपये खर्च को मंजूरी दी थी, जिसे घटाकर 55 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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नए सड़क निर्माण में चार करोड़ की कटौती
नई सड़कों के निर्माण लिए नगर निगम कार्यकारिणी ने बजट में पांच करोड़ रुपए खर्च को मंजूरी दी थी मगर सदन ने उसमें चार करोड़ की कटौती कर दी। अब सिर्फ एक करोड़ रुपए ही नई सड़कों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।
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टेलीफोन खर्च पर 3.70 करोड़ की कटौती
नगर निगम अधिकारियाें व कर्मचारियों के मोबाइल फोन और ऑफिस के फोन पर इस साल 8.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्यकारिणी ने इस मद में 12 करोड़ रुपये खर्च को मंजूरी दी थी। सदन ने 3.70 करोड़ कम कर दिया।
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मलिन बस्तियों में विकास पर नौ करोड़ की कटौती
मलिन बस्तियों में नाली, सड़क, खड़ंजा जैसे कामों के लिए कार्यकारिणी ने 10 करोड़ का बजट पास किया गया था। सदन ने कम करके अब महज एक करोड़ रुपया कर दिया है।
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नाला सफाई में 1.50 करोड़ की कटौती
नालों की सफाई को लेकर नगर निगम कार्यकारिणी ने 10 करोड़ रुपये बजट पास किया था, सदन ने उसमें 1.50 करोड़ की कटौती कर दी। अब नालों की सफाई पर 8.50 करोड़ खर्च होंगे।
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सफाई उपकरण व गाड़ियों की मरम्मत पर तीन करोड़ की कटौती
सफाई उपकरण, चूना, ब्लीचिंग व कचरा निस्तारण के कार्य में लगी गाड़ियां की मरम्मत के लिए अब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यकारिणी ने 15 करोड़ खर्च को मंजूरी दी थी। सदन ने कम करके 12 करोड़ रुपये कर दिया।
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शौचालयों व कूड़ा-घरों की मरम्मत में 1.50 करोड़ की कटौती
सार्वजनिक शौचालयों और कूड़ा घरों के मरम्मत के लिए कार्यकारिणी ने दो करोड़ रुपये बजट पास किया था। इसे सदन ने घटकार 50 लाख रुपये कर दिया है।
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डीजल-पेट्रोल के खर्च में पांच करोड़ की कटौती
कचरा निस्तारण में लगी 300 गाड़ियों सहित नगर निगम में करीब 400 गाड़ियां हैं। जिनके डीजल-पेट्रोल खर्च के लिए कार्यकारिणी में 30 करोड़ का बजट पास किया गया था, जिसमें अब सदन ने 25 करोड़ कर दिया है।
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संविदा व ठेका सफाई में 15 करोड़ की कटौती
संविदा व ठेका पर कार्यदायी संस्थाओं के जरिये तैनात किए जाने वाले सफाई कर्मचारियों 75 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव कार्यकारिणी ने पास किया था। इसे कम करके 60 करोड़ कर दिया गया है।
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करीब चार घंटे चली चर्चा के बाद नगर निगम सदन ने बीते 25 फरवरी को कार्यकारिणी में पेश बजट के 24 मदाें में बदलाव करते हुए बजट को पास किया। सदन में पास प्रस्ताव के तहत 95 लाख रुपये पार्षद कोटे के काम अब नगर निगम निधि से ही कराए जाएंगे। पहले 50 लाख के काम 14वें वित्त से और शेष 45 लाख के काम नगर निगम निधि से कराए जाने का प्रस्ताव पार्षदों ने खारिज कर दिया। शहर को गंदा करने वालों पर स्पॉट फाइन लगाने और 9.80 करोड़ की नई योजनाओं को भी पास कर दिया। उससे पहले सदन में सपा और कांग्रेस के पार्षदों ने बजट को सदन में पेश किए जाने को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जब कार्यकारिणी की कार्रवाई जारी न होने से बजट नगर आयुक्त का हो गया तो अब उसे सदन में लाकर संशोधन कैसे किया जा सकता है। उसको लेकर कांग्रेस और सपा के पार्षदों ने सदन में हंगामा बवाल करने के साथ ही धरना भी दिया।
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ये हुए बदलाव
पार्षद कोटे में कुल 49 करोड़ बढ़े
पार्षद कोटे तहत वार्डों में कराए जाने वाले विकास कार्याें के लिए बजट में 49 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। कार्यकारिणी ने इस मद में 100 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। इसे 149 करोड़ रुपये कर दिया है।
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कहां-कहां की कटौती...
पेंशन में पांच करोड़ की कटौती
नगर निगम के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन भुगतान ने लिए कार्यकारिणी ने बजट में 60 करोड़ रुपये खर्च को मंजूरी दी थी, जिसे घटाकर 55 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
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नए सड़क निर्माण में चार करोड़ की कटौती
नई सड़कों के निर्माण लिए नगर निगम कार्यकारिणी ने बजट में पांच करोड़ रुपए खर्च को मंजूरी दी थी मगर सदन ने उसमें चार करोड़ की कटौती कर दी। अब सिर्फ एक करोड़ रुपए ही नई सड़कों के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे।
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टेलीफोन खर्च पर 3.70 करोड़ की कटौती
नगर निगम अधिकारियाें व कर्मचारियों के मोबाइल फोन और ऑफिस के फोन पर इस साल 8.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कार्यकारिणी ने इस मद में 12 करोड़ रुपये खर्च को मंजूरी दी थी। सदन ने 3.70 करोड़ कम कर दिया।
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मलिन बस्तियों में विकास पर नौ करोड़ की कटौती
मलिन बस्तियों में नाली, सड़क, खड़ंजा जैसे कामों के लिए कार्यकारिणी ने 10 करोड़ का बजट पास किया गया था। सदन ने कम करके अब महज एक करोड़ रुपया कर दिया है।
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नाला सफाई में 1.50 करोड़ की कटौती
नालों की सफाई को लेकर नगर निगम कार्यकारिणी ने 10 करोड़ रुपये बजट पास किया था, सदन ने उसमें 1.50 करोड़ की कटौती कर दी। अब नालों की सफाई पर 8.50 करोड़ खर्च होंगे।
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सफाई उपकरण व गाड़ियों की मरम्मत पर तीन करोड़ की कटौती
सफाई उपकरण, चूना, ब्लीचिंग व कचरा निस्तारण के कार्य में लगी गाड़ियां की मरम्मत के लिए अब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यकारिणी ने 15 करोड़ खर्च को मंजूरी दी थी। सदन ने कम करके 12 करोड़ रुपये कर दिया।
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शौचालयों व कूड़ा-घरों की मरम्मत में 1.50 करोड़ की कटौती
सार्वजनिक शौचालयों और कूड़ा घरों के मरम्मत के लिए कार्यकारिणी ने दो करोड़ रुपये बजट पास किया था। इसे सदन ने घटकार 50 लाख रुपये कर दिया है।
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डीजल-पेट्रोल के खर्च में पांच करोड़ की कटौती
कचरा निस्तारण में लगी 300 गाड़ियों सहित नगर निगम में करीब 400 गाड़ियां हैं। जिनके डीजल-पेट्रोल खर्च के लिए कार्यकारिणी में 30 करोड़ का बजट पास किया गया था, जिसमें अब सदन ने 25 करोड़ कर दिया है।
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संविदा व ठेका सफाई में 15 करोड़ की कटौती
संविदा व ठेका पर कार्यदायी संस्थाओं के जरिये तैनात किए जाने वाले सफाई कर्मचारियों 75 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव कार्यकारिणी ने पास किया था। इसे कम करके 60 करोड़ कर दिया गया है।

नगर निगम सदन में पहुची महापौर संयुक्ता भाटिया सदन के दौरान विपक्ष पार्षद का महापौर से किसी बात को