लखनऊ में भयंकर बवाल, 100 घायल
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25 जुलाई को शिया समुदाय द्वारा आसिफी इमामबाड़ा में और सुन्नी समुदाय द्वारा टीले वाली मस्जिद में अलविदा की नमाज अदा की गई। इसके मद्देनजर सुबह 10 बजे से नमाज खत्म होने तक यातायात परिवर्तित रहा। हालांकि, शांतिपूर्वक यह नमाज अदा हो गई।
लेकिन, इसके बाद वक्फ बोर्ड के चुनाव न होने को लेकर खफा चल रहे मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने सपा के कद्दावर मंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उसके बाद जो बवाल हुआ, वो लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
पुलिस को भी इतना अंदाजा नहीं था कि एक जुलूस इतना बवंडर लेकर आएगा। मामले पर काबू पाने के लिए पुलिस ने मुस्लिम धर्मगुरु कल्बे जव्वाद को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उन्हें शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया।
और हर तरफ मच गई अफरा-तरफरी
आजम खां की कारगुजारियों से खफा चल रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अलविदा की नमाज के बाद उनके बंगले की ओर कूच कर दिया।
रास्ते में जगह-जगह पुलिस तैनात रही, बैरीकेडिंग भी की गई लेकिन उसे तोड़ते-फांदते हुए लोग आजम के घर की ओर बढ़ते चले गए। बीच-बीच में पुलिस से झड़प भी हुई।
जब जुलूस उग्र होने लगा और पथराव शुरू हुआ तो पीएसी और आरएएफ के जवानों ने भी जवाबी लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई लोगों को चोट आई और हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।
एक बुजुर्ग मरा, पुलिस वाला भी घायल
शहीद स्मारक पर पथराव की स्थिति पनपी तो पुलिस ने मुस्लिम धर्मगुरु कल्बे जव्वाद के जुलूस पर लाठीचार्ज किया, तो भगदड़ में 55 वर्षीय कर्रार मेंहदी की मौत हो गई, जिसके बाद ट्रामा सेंटर पर जमकर बवाल शुरू हो गया।
इसके अलावा करीब 100 लोग घायल हो गए। एक पीएसी जवान भी भगदड़ के दौरान गिर गया। उसके गले के ऊपर किसी प्रदर्शनकारी का पैर पड़ जाने के चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे भी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
यहां भी प्रदर्शनकारियों ने इमामबाड़ा, पक्का पुल और आस पास के इलाके में जमकर उत्पात मचा दिया। एक दरोगा को बुरी तरह इतना पीटा कि उसने खून की उल्टियां तक कर डालीं। इसके अलावा पुलिस की गाड़ी में भी आग लगा दी गई।
उपद्रवियों को चिह्नित कर दर्ज होगा मुकदमा
शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद को शांति भंग की आशंका में करीब सौ समर्थकों सहित गिरप्तार कर पुलिस लाइन में बनाई अस्थायी जेल में रखा गया है। पुराने लखनऊ के कुछ इलाकों सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
संवेदनशील इलाकों में सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की टुकड़ियां तैनात कर अमन कमेटी के माध्यम से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा जा रहा है। शरारती तत्वों को मौके पर हुई विडियोग्राफी के आधार पर चिह्नित कर इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कड़ी कार्रवाई होगी।
पुलिस लाठीचार्ज से एक व्यक्ति की मौत की बात तथ्यों से परे हैं। शुरुआती दौर में मौत का कारण हार्ट अटैक पता चला है। मृतक के बारे में जांच पड़ताल पूरी हो जाने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा। गंभीर घायल एसएसआई की हालत भी अब खतरे से बाहर है।
राजशेखर, जिलाधिकारी लखनऊ