गोरखनाथ मंदिर हमले में अहम खुलासा: हनी ट्रैप से आईएसआईएस के संपर्क में आया था मुर्तजा, आतंकियों की बताई पढ़ीं किताबें
गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमले का आरोपी मुर्तजा साल भर पहले हनी ट्रैप का शिकार हो गया था। एक लड़की ने खुद को आईएसआईएस कैंप में कैद होने की बात कह 40 हजार रुपये ट्रांसफर कराए थे। आरोपी ने आईएसआईएस के आतंकियों द्वारा बताई गईं किताबों को इंटरनेट के माध्यम से डाउनलोड किया और पढ़ा।
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गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने वाले मुर्तजा ने एटीएस की पूछताछ में अहम खुलासा किया है। उसने बताया है कि वह लगभग साल भर पहले हनी ट्रैप का शिकार हो गया था। एक लड़की ने खुद को आईएसआईएस कैंप में कैद होने की बात कह पैसे मांगे थे। मुर्तजा ने लड़की के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। उसने मुर्तजा को अपनी तस्वीर भेजी थी और भारत आकर मिलने का वादा भी किया।
सूत्रों का कहना है कि लड़की ने तीन बार अलग-अलग बहाने से मुर्तजा से अपने खाते में पैसे मंगाए। दोनों के बीच ईमेल के जरिए बातचीत शुरू हुई। इसके बाद मुर्तजा ने आईएसआईएस ज्वाइन की। उसने आईएसआईएस के आतंकियों द्वारा बताई गईं किताबों को इंटरनेट के माध्यम से डाउनलोड किया और पढ़ा। इससे वह खुद भी कट्टरपंथी बन गया। उसने मोबाइल एप बनाने की कोडिंग सीखी पर वह कोई ऐसा एप विकसित नहीं कर पाया, जो आईएसआईएस के लिए सहायक हो।
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूछताछ पूरी नहीं हो जाती है, तब तक इस संबंध में कोई खुलासा नहीं किया जाएगा। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार पहले ही कह चुके हैं इस मामले में बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे कोई निर्दोष न फंसे और दोषी भी न बच सके।
अरबी भाषा के कोड में बात करता था मुर्तजा
अहमद मुर्तजा अब्बासी अरबी भाषा के कोड में बात किया करता था। एटीएस को मुर्तजा के घर से जिहादी लिटरेचर मिला है। इसमें एक अरबी किताब भी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा था कि धर्म के प्रति निष्ठा की वजह से मुर्तजा इसे पढ़ता था। मुर्तजा के साथ एटीएस उस किताब को भी लखनऊ मुख्यालय लेकर गई। बारीकी से जांच करने पर किताब में कई शब्दों को रेखांकित किया पाया गया है।
मुर्तजा की किताब के आतंकी कोड
- उड़ान : देश में या देश के बाहर फोन पर बात करते समय फ्लाइट को अरबी में रिहलत तयारान बोला जाता था। इसका मतलब उड़ान होता है। मुर्तजा ने किताब में इस शब्द को मार्कर से हाईलाइट किया था।
- संघर्ष : मुर्तजा का ब्रेनवॉश करने के लिए अरबी के अलजिहाद शब्द का प्रयोग होता था।
- आकाश : मुर्तजा को फिदायीन बनाने के लिए उसे जन्नत के बारे में जानकारी दी जाती थी।
- अब्दुल्ला : मुर्तजा को जिहाद के रास्ते पर ले जाने वाले बातचीत में उसका नाम न लेकर इस शब्द का इस्तेमाल करते थे।
- मेहमान : मुर्तजा से मिलने के लिए जब भी कोई बाहरी आता था तो उसे पहले इसकी जानकारी दी जाती थी।
- बख्शीश: मुर्तजा के साथ जब भी फंडिंग से संबंधित कोई बातचीत होती थी तो इसका प्रयोग होता था।
- खटमल : मुर्तजा से बातचीत में पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों को खटमल बोला जाता था।