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मस्जिद में वृद्ध की गला रेतकर हत्या, दामाद पर टिकी शक की सुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 09 May 2018 04:00 PM IST
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस।
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के काकोरी स्थित एक मस्जिद की देखरेख करने वाले वृद्ध की बुधवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई। सुबह लोगों ने मस्जिद में लाश देखी तो हड़कंप मच गया। गले पर धारदार हथियार से वार के निशान हैं। लोगों ने वृद्ध के दामाद पर हत्या करने की आशंका जताई है। इस मामले में गांव के ही अली अहमद ने तहरीर दी है।
कुशीनगर के थाना क्षेत्र पतहेरवा के गांव हरबुत बेलही निवासी इम्तियाज (60) पुत्र जफर तीन साल से काकोरी के महिपत मऊ गांव में रह रहा था। क्षेत्र के अमेठिया आलू स्टोर के सामने वाली मस्जिद में रहकर वह उसकी साफ-सफाई और देखरेख का काम करता था। इसके अलावा वह मिस्त्री का भी काम करता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबकि मंगलवार को इम्तियाज का दामाद सलामत उससे मिलने आया था। ससुर-दामाद में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। लोगों का कहना है कि इम्तियाज ही भोर में 4:40 पर फजीर की नमाज पढ़ता था लेकिन बुधवार को नमाज पढ़ने की आवाज नहीं आई। लेकिन, लोगों ने ध्यान नहीं दिया।
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करीब आठ बजे अन्य मिस्त्री इम्तियाज को लेने पहुंचे। आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो लोग मस्जिद के अंदर पहुंचे। वहां का हाल देख मिस्क्षी चीखते हुए बाहर भागे। शोर सुनकर गांव के लोग भी पहुंच गए। देखा कि इम्तियाज का शव पड़ा है। धारदार हथियार से गले पर काटने का निशान है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। लोगों ने आशंका जताई है कि दामाद सलामत ने ही ससुर की हत्या की है। इस मामले में गांव के अली अहमद ने पुलिस को तहरीर दी है।
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कुशीनगर के थाना क्षेत्र पतहेरवा के गांव हरबुत बेलही निवासी इम्तियाज (60) पुत्र जफर तीन साल से काकोरी के महिपत मऊ गांव में रह रहा था। क्षेत्र के अमेठिया आलू स्टोर के सामने वाली मस्जिद में रहकर वह उसकी साफ-सफाई और देखरेख का काम करता था। इसके अलावा वह मिस्त्री का भी काम करता था।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबकि मंगलवार को इम्तियाज का दामाद सलामत उससे मिलने आया था। ससुर-दामाद में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। लोगों का कहना है कि इम्तियाज ही भोर में 4:40 पर फजीर की नमाज पढ़ता था लेकिन बुधवार को नमाज पढ़ने की आवाज नहीं आई। लेकिन, लोगों ने ध्यान नहीं दिया।
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करीब आठ बजे अन्य मिस्त्री इम्तियाज को लेने पहुंचे। आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो लोग मस्जिद के अंदर पहुंचे। वहां का हाल देख मिस्क्षी चीखते हुए बाहर भागे। शोर सुनकर गांव के लोग भी पहुंच गए। देखा कि इम्तियाज का शव पड़ा है। धारदार हथियार से गले पर काटने का निशान है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। लोगों ने आशंका जताई है कि दामाद सलामत ने ही ससुर की हत्या की है। इस मामले में गांव के अली अहमद ने पुलिस को तहरीर दी है।