‘जमानत न हुई तो वही करूंगा जो भाई ने तुम्हारी बेटियों के साथ किया’
रिटायर्ड सूबेदार के मुताबिक, आरोपी के दबंग परिवारीजन जमानत कराने का प्रयास कर रहे हैं। वह जमानत प्रार्थनापत्र में पीड़ित परिवार की तरफ से कोर्ट में शपथपत्र प्रस्तुत करने का दबाव डाल रहे हैं।
इन्कार करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। बीते सप्ताह सौरभ के भाई दीपक, रोशन व एक अन्य युवक रात करीब नौ बजे घर में घुसे और उन्हें व पत्नी को धमकाया।
दीपक और रोशन ने कहा कि सौरभ की जमानत नहीं हुई तो उनका भी वही हाल होगा जैसा सौरभ ने दोनों बेटियों के साथ किया था। धमकियों से दहशतजदा रिटायर्ड सूबेदार व पत्नी ने घर से निकलना तक बंद कर दिया है।
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी घर के सामने ही रहते हैं और रोजाना गाली-गलौज व धमकी देते रहते हैं। इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
ये था मामला
पारा की रामविहार कॉलोनी में 9 मई को दिन-दहाड़े रिटायर्ड सूबेदार लालबहादुर सिंह की बेटी आरती (24) और अंतिमा उर्फ सोनम (18) की सनसनीखेज हत्या कर दी गई थी। 24 घंटे के अंदर ही हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने पड़ोसी आरोपी के आरोप सौरभ शर्मा उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया था।
एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक सौरभ केकेसी से बीकॉम पास करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा थाऔर रिटायर्ड सूबेदार के घर के सामने ही रहता है। वह आरती से एकतरफा प्यार करता था। दो दिन के दौरान आरती को होने वाले पति व एक दोस्त के साथ घूमते देखकर वह बौखला गया और हत्या की साजिश रच डाली।
वह कैंची लेकर आरती को मौत के घाट उतारने के इरादे से उसके घर गया जहां बहन अंतिमा भी मिल गई। पहले उसने अंतिमा की जान ली। इसके बाद आरती को मौत के घाट उतार दिया। एसएसपी ने बताया कि सौरभ और आरती के बीच छह साल से दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। परिवारीजन भी अच्छी तरह से परिचित थे।
धीरे-धीरे सौरभ को आरती से एकतरफा प्यार हो गया। सात मई को सौरभ ने आरती को अपने एक दोस्त अखिलेश के साथ घूमते हुए देखा था। आठ मई को आरती अपने होने वाली पति इंद्रजीत के साथ फीनिक्स मॉल में बाहुबली फिल्म देखने गई थी, तब भी सौरभ ने दोनों को देख लिया था।
इस बात से वह नाराज था और आरती की हत्या की साजिश रच डाली। मंगलवार सुबह उसने आरती के माता-पिता को घर से जाते हुए देखा। उसे पता था कि सुबह अंतिमा भी स्कूल चली जाती है और आरती घर पर अकेले होती है। वह आरती की हत्या के इरादे से कपड़ों में कैंची छिपाकर उसके घर पहुंच गया और वारदात को अंजाम दे डाला।