मुलायम सिंह बोले, मैं अखिलेश या शिवपाल नहीं, सपा के साथ हूं
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मुलायम सिंह यादव की रहनुमाई में नई पार्टी के गठन की उम्मीद संजो रहे शिवपाल यादव को सोमवार को करारा झटका लगा। मुलायम ने नई पार्टी बनाने से इन्कार किया। कहा कि अखिलेश यादव पुत्र हैं, इस नाते मेरा आशीर्वाद उनके साथ है लेकिन उनके कई फैसलों से सहमत नहीं हूं।
यह पूछने पर कि कौन से फैसलों से सहमत नहीं है तो कहा, यह बाद में बताऊंगा। उन्होंने अखिलेश को भी नसीहत दी कि जो बाप का नहीं हो सकता, वह किसका होगा, उस पर कौैन विश्वास करेगा?
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मुलायम सोमवार को लोहिया ट्रस्ट में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने लिखित बयान पढ़कर केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पार्टी में उठापटक और नए दल के गठन की अटकलों पर यह अपील करके विराम लगा दिया कि समाजवादी विचारधारा के लोग गरीब, मजदूर, किसान, नौजवान, महिलाओं और छात्रों को सपा से जोड़ें।
मुलायम के प्रेस नोट से खुलासा, खोखली नहीं थी नई पार्टी के गठन की खबरें
सपा पूरे प्रदेश में, गली, मुहल्ले और गांव-शहरों में है। सपा में नेतृत्व के सवाल पर कहा कि नेतृत्व हम ही कर रहे हैं। मंच पर बैठे भगवती सिंह, शारदा प्रताप शुक्ला व अन्य नेताओं का नाम लेकर कहा- ये सब बैठे हैं, इन्हें कौन नहीं जानता? क्या नया दल बनाएंगे, इस पर कहा कि नया दल बनाने का सवाल नहीं उठता। एक सवाल के जवाब में मुलायम ने कहा, मैं अखिलेश या शिवपाल नहीं, सपा के साथ हूं।
मुलायम बोले, सुलह की गुंजाइश रहती है
नई पार्टी के गठन के सवाल पर मुलायम बोले, यह सवाल क्यों बार-बार पूछ रहे हो। क्यों बार-बार अखिलेश का नाम ले रहे हो? परिवार में सुलह की गुंजाइश के सवाल पर कहा, अखिलेश बेटा है, उससे मतभेद हैं, क्या पता कितने दिन मतभेद रहें। सुलह की गुंजाइश रहती है।
अखिलेश ने वादा नहीं निभाया
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाने और दोबारा अध्यक्ष न बनाने पर मुलायम का दर्द भी उभरा। कहा, अखिलेश ने कहा था, तीन महीने के लिए अध्यक्ष हूं, इसके बाद नहीं रहूंगा। नेता जबान का पक्का और वादा निभाने वाला होना चाहिए। बाप को धोखा देगा तो कौन विश्वास करेगा। देश के सबसे बड़े नेता (पीएम नरेंद्र मोदी) ने कन्नौज में कहा कि जो बाप का नहीं हो सकता, वह किसका होगा। इसके बाद क्या बचता है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में नहीं जाएंगे
लखनऊ में हुए सपा के राज्य सम्मेलन से अलग रहे मुलायम राष्ट्रीय सम्मेलन में भी शामिल नहीं होंगे। उन्होंने साफ किया वह 5 अक्तूबर को आगरा नहीं जाएंगे।
समर्थकों में मायूसी
इटावा और मैनपुरी से मुलायम व शिवपाल के काफी समर्थक आए हुए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवपाल के न पहुंचने और मुलायम द्वारा बड़ी घोषणा न करने से उनमें मायूसी दिखी। इनमें से बहुत सारे नेता शिवपाल के आवास पर भी पहुंचे और उनसे नई पार्टी बनाने को कहा।