शिवपाल की बात मानते तो आज हम होते प्रधानमंत्री: मुलायम सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को युवा कार्यकर्ताओं व मुख्यमंत्री अखिलेश को कड़ी नसीहत दी। कहा कि 2012 का चुनाव जीतने के बाद शिवपाल चाहते थे कि 2014 के लोकसभा चुनाव तक मैं सीएम रहूं, उसके बाद अखिलेश को मौका दिया जाए। तभी से अखिलेश मन में यह बात रखे बैठे हैं कि चाचा उन्हें सीएम नहीं बनने दे रहे थे।
कहा, शिवपाल ने अपने अनुभव से सही कहा था लेकिन मैंने उनकी बात नहीं मानी और अखिलेश को सीएम बनाया वरना वह कभी मुख्यमंत्री न बन पाते।
मुलायम सिंह यादव सपा मुख्यालय में सपा के चारों युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इन्हीं कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का सपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर सपा कार्यालय व मुलायम के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।
सपा मुखिया ने कहा कि शिवपाल का पार्टी को बढ़ाने में मामूली मेहनत नहीं की। कई बार उनकी जीवन बाल-बाल बचा है। 2012 में शिवपाल ने उनके सामने कहा था कि 2014 के लोकसभा चुनाव तक नेताजी को सीएम बनना चाहिए। इसके बाद अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाया जाए। इसमें क्या गलत था?
'शिवपाल का आकलन सही था, हमे कहीं के नहीं रहे'
मुलायम बोले, शिवपाल का आकलन कितना सही था। 2014 के लोकसभा चुनाव में हमें कहीं का नहीं छोड़ा। पार्टी बनाने के बाद हमारे 23 एमपी बने थे। एक बार 39 और एक बार 27 सांसद जीते। 2014 में केवल पांच लोकसभा सीट जीते। हमारी हैसियत कहीं की नहीं रही। पांचों सीटे भी परिवार के लोगों की थी। 30-35 सीट जीतकर आते तो हम प्रधानमंत्री बनते।
बड़े पद पर बैठकर अहंकार नहीं होना चाहिए:
सपा मुखिया ने अखिलेश की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बड़े पद पर बैठने वाले को अहंकार नहीं होना चाहिए। उसे ज्यादा विनम्र होना चाहिए, सभी से समन्वय बैठाना चाहिए, आलोचना सुननी चाहिए। जब सम्मान बड़ा हो जाता है तो मनमानी नहीं की जाती। उन्होंनेरामचरित मानस की चौपाई का हवाला देकर अहम से दूर रहने की सलाह दी।
कहा, हमने कितनी आलोचनाएं झेली हैं। कभी डाकू छबिराम से जोड़ा तो कभी फूलन देवी से। वीपी सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में बदमाशों के नाम पांच हजार लोगों का एनकाउंटर किया गया। हमने बेगुनाहों को मारे जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
कहा, मुख्यमंत्री ने बलराम यादव को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। वे हमारे कितने पुराने साथी हैं, कोई थी को बुलाकर बात कर लेते। हम भी यही करते हैं। शिवपाल के विभाग छीनने की क्या जरूरत थी।
पहली बार लगा परिवार पर विवाद का दाग
मुलायम सिंह ने कहा, पिछले चार-पांच दिनों से जो कुछ हो रहा है वह दुखद है। हमारे परिवार का उदाहरण दिया जाता था। पहली बार विवाद का दाग लगा है।
उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं से कहा कि अखिलेश-शिवपाल का विवाद परिवार का है। हम अभी शांत हैं कि दोनों के मन की बातें निकल जाएं। हम निपटा देंगे, हमारी बात कौन टालेगा, आप लोग इस विवाद में क्यों कूदते हो ?परिवार के विवाद में आप क्यों कूदते हो?
अमर सिंह का बचाव, सीबीआई केस में वहीं कर रहे पैरवी
सीएम अखिलेश यादव व पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव के निशाने पर आए सांसद अमर सिंह का मुलायम सिंह ने बचाव किया। कहा, सीबीआई केस में हमें जेल भेजने की तैयारी है, बताओ किसने पैरवी की, सिर्फ अमर सिंह ने।
आज भी एक केस लगा हुआ था, उसमें अखिलेश का भी नाम है, कौन पैरवी कर रहा है अमर सिंह। हमने अमर सिंह को क्या दिया है, राज्यसभा भेजा है। राज्यसभा को उन्हें कोई भी भेज सकता था।
गायत्री की तरफदारी, हमने अति पिछड़ों को आगे बढ़ाया
सपा मुखिया ने कहा कि फूलन देवी को हमने पार्टी में लिया तो कितनी आलोचना हुई। यह किसी ने नहीं देखा कि वह किस परिस्थिति में डाकू बनी थी। उसे लेने से पार्टी को बहुत लाभ हुआ। हमने उसे दो बार सांसद बनाया।
गायत्री प्रजापति का नाम लेकर कहा कि वह गरीब परिवार से था। जमीन बेचकर प्लाटिंग की, मुनाफा कमाया। हमने 2012 में टिकट दिया। उसने अमेठी में रानी (अमिता सिंह) को हराया। यह मामूली बात नहीं थी।
'रात भी यात्रा करते थे ढ़ाबों पर खाना खाते थे'
मुलायम सिंह ने युवा कार्यकर्ताओं को बताया कि कितने संघर्ष से पार्टी खड़ी की है। कितना संघर्ष किया है। रात भी यात्रा करते थे, ढाबों पर खाना खाते थे, कितने संघर्ष किए हैं।
उन्होंने कहा, अखिलेश को खड़ी की गई पार्टी मिली है। उसने गरीबी और संघर्ष नहीं देखा, साइकिल चलाई है। उन्होंने कहा कि कन्या विद्या धन , गरीबों की मदद की योजना हमने शुरू की थी। पढ़ाई, सिंचाई और दवाई हमने माफ की थी।
अखिलेश के समर्थकों को लगाई फटकार
उन्होंने बीच-बीच में अखिलेश के पक्ष में नारे लगाने वालों को फटकार लगाई। कहा कि सब सीखकर आए हो, वहीं बोल रहे। एक कार्यकर्ता को डाटा तो वह रोने लगा। उन्होंने पार्टी से निकालने के लिए कहा, तुरंत ही मना लिया।
युवा नेताओं के तर्क नहीं सुने
मुलायम सिंह ने चारों युवा संगठनों समाजवादी युवजनसभा, छात्र सभा, लोहिया वाहिनी और यूथ ब्रिगेड के अध्यक्षों को बोलने का मौका दिया।
उनके सुझाव तो सुने लेकिन जब उन्होंने अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की बात कही तो उन्हें डाटा। कहा, चापलूसी करते हो, मेरे फैसले को चुनौती देते हो।