मुलायम ने रखी शर्त तो फंस गए अखिलेश!
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15 हजार करोड़ रुपये की लागत और 302 किमी लंबे लखनऊ-एक्सप्रेस वे के शिलान्यास के मौके पर मुलायम सिंह यादव ने शर्त रख दी। कहा- ‘पहले इसके उद्घाटन का समय तय करिए तभी शिलान्यास करूंगा।’ तब निर्माणकर्ता कंपनियों और सरकार ने 22 महीने में काम पूरा करने का वादा किया।
मुलायम ने जैसे ही माइक संभाला, शुरुआत यहीं से की- ‘मैं अब शिलान्यास नहीं, उद्घाटन करता हूं। जब मैं मुख्यमंत्री होता था तब शिलान्यास के साथ ही अफसरों से उद्घाटन की तारीख भी तय करवा लेता था। यह विशेष मौका था इसलिए शिलान्यास के लिए आ गया। अब आपको इसके उद्घाटन की तारीख बतानी होगी। बताइए..।’
कहीं से जवाब नहीं आया तो सीएम और मुख्य सचिव से यह सवाल पूछ लिया। मौके की नजाकत भांप मुलायम के ठीक पीछे खड़े प्रमुख सचिव सूचना व सीईओ यूपीडा नवनीत सहगल ने निर्माण कंपनियों की ओर इशारा किया। इसके बाद एफकान इनफ्रास्ट्रक्चर के प्रतिनिधि ने दो साल में काम पूरा करने का वादा किया। दूसरे प्रतिनिधियों ने भी यही कहा।
माइक पर बुलाकर करवा लिया वादा
जिसके बाद मुलायम ने कहा, अब हमारे कहने से इसे और दो महीने और पहले पूरा कराइये। कराएंगे या नहीं..।’ प्रतिनिधियों ने सिर हिलाया तो फिर अपने माइक पर बुला लिया। कहा, सबके सामने फिर वादा करो कि 22 महीने में बनाओगे।
प्रतिनिधियों ने माइक पर आकर 22 महीने में काम पूरा करने का वचन दिया। मुलायम ने यह कहते हुए प्रतिनिधियों को छोड़ा कि उम्मीद है कि वे वादाखिलाफी नहीं करेंगे। हो सकेगा तो इससे भी 15 दिन पहले ही बना देंगे।
बाद में सहगल ने सरकार व निर्माण कंपनियों की ओर से उन्हें आश्वस्त किया कि 22 महीने में कार्य पूरा करवाकर उन्हीं से उद्घाटन करवाया जाएगा। इस हिसाब से कंपनियां सितंबर 2016 में काम पूरा कर लेंगी।