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Mukhtar Ansari: मुख्तार ने जेल में धीमा जहर देने का लगाया था आरोप, अदालत से लगाई थी इलाज कराने की गुहार
Fri, 29 Mar 2024 12:54 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:54 AM IST
सार
मुख्तार अंसारी ने अदालत में दिए गए पत्र में उसे जेल में धीमा जहर देने का आरोप लगाया था और कहा अदालत से इलाज कराने की गुहार लगाई थी।
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माफिया मुख्तार अंसारी (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी ने बीते दिनों जेल के खाने में जहर देने का आरोप लगाया था। उसने कहा था कि इससे उसकी तबीयत काफी गंभीर हो गई और ऐसा लगता है कि कभी भी मृत्यु हो सकती है। मुख्तार अंसारी ने इसे बड़ा षड्यंत्र बताते हुए अदालत से इलाज करवाने की गुहार भी लगाई थी। गैंगस्टर मामले की पेशी के दौरान उसके वकील ने उसका प्रार्थना पत्र अदालत को सौंपा था।
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दरअसल, एंबुलेंस प्रकरण के बाद बाराबंकी की शहर कोतवाली में मुख्तार अंसारी समेत 12 पर दर्ज गैंगस्टर के मामले की सुनवाई चल रही थी। 21 मार्च को उसे एमपीएमएलए कोर्ट के न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश किया गया था। जबकि जफर उर्फ चंदा संतकबीरनगर और अफरोज उर्फ चुन्नू गाज़ीपुर जेल से हाजिर हुए थे। इस दौरान हुई सुनवाई में किसी भी गवाह की उपस्थिति नहीं हुई लेकिन अदालत में मुख्तार अंसारी के वकील ने अदालत को उसका प्रार्थना पत्र सौंपा था।
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पत्र में मुख्तार अंसारी ने कहा था कि बीते 19 मार्च को बांदा जेल में उसको जो भोजन उपलब्ध कराया गया उसमें जहर था। इसके सेवन से वह गंभीर रूप से बीमार हो गया। उसके हाथ पैरों में और शरीर के सभी नसों में दर्द हो रहा है। हाथ पांव ठंडे हो रहे हैं। घबराहट हो रही है। ऐसा लगता है कि कभी भी मृत्यु हो सकती है।
मुख्तार ने अदालत को यह भी बताया था कि 40 दिन पहले भी उसके खाने में धीमा जहर दिया गया। इसलिए जेल में जो स्टाफ उसका खाना बनाने में बाद चखकर उसे देता है वह भी बीमार पड़ गया और उसका इलाज कराया गया।