एमपीएमएलए कोर्ट : प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ मामले में रीता जोशी समेत नौ पर आरोप तय
17 अगस्त, 2015 को कांग्रेस पार्टी करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा का घेराव करने निकल पड़े। भीड़ संकल्प वाटिका के पास पथराव करने लगी जिससे भगदड़ मच गई।
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लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ व पुलिस बल पर हमला करने के मामले में सांसद रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर, शैलेन्द्र तिवारी समेत नौ पर आरोप तय करते हुए एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने मामले के गवाहों को तलब किया है। कोर्ट ने मामले में गवाही के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की है।
इसके पहले शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई के समय सांसद रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर, शैलेन्द्र तिवारी, राजेश पति त्रिपाठी, बोधलाल शुक्ला, ओंकार नाथ सिंह, मनोज तिवारी, रमेश मिश्रा और प्रहलाद प्रसाद द्विवेदी कोर्ट में हाजिर थे। वहीं आरोपी निर्मल खत्री, मधुसूदन मिस्त्री, प्रदीप कुमार माथुर, केके शर्मा, अजय राय और प्रदीप जैन आदित्य गैरहाजिर थे।
कोर्ट ने गैरहाजिर आरोपियों की हाजिरी माफी दे दी। कोर्ट ने गैरहाजिर आरोपियों की पत्रावली को अलग करते हुए हाजिर आरोपियों पर आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने गैरहाजिर आरोपियों की हाजिरी माफी केवल शुक्रवार के लिए स्वीकृत करते हुए कहा कि यदि अगली तारीख पर आरोपी हाजिर होकर आरोप नहीं तय कराते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने आरोपियों पर 14 धाराओं में आरोप तय किये हैं।
गौरतलब है कि 17 अगस्त, 2015 को दरोगा प्यारेलाल प्रजापति ने थाना हजरतगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि कांग्रेस पार्टी का लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन था। करीब पांच हजार कार्यकर्ताओं के साथ अचानक यह सभी अभियुक्तगण धरना स्थल से विधान सभा का घेराव करने निकल पड़े। इन्हें समझाने व रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं माने। भीड़ संकल्प वाटिका के पास पथराव करने लगी जिससे भगदड़ मच गई। इसमें गई एडीएम, एसपी पूर्वी समेत हुए बहुत से पुलिस अधिकारी-कर्मी और पीएसी के जवान घायल हुए थे।