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सहारा प्रमुख सहित 8 डायरेक्टर को गिरफ्तार करने पहुंची एमपी पुलिस खाली हाथ लौटी
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लखनऊ। मध्य प्रदेश की दतिया पुलिस बृहस्पतिवार सुबह सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत राय सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल आठ निदेशकों को गिरफ्तार करने लखनऊ पहुंची। पुलिस टीम गोमतीनगर स्थित सहारा शहर में दो घंटे तक रही और खाली हाथ लौट गई। स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई के दौरान टीम के हाथ कुछ नहीं लगा।
मध्यप्रदेश के दतिया थाने के निरीक्षक रविंद्र शर्मा के मुताबिक सहारा इंडिया फाइनेंस कंपनी में हजारों निवेशकों का रुपये फंसा है। कई योजनाओं में निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। दतिया थाने में सहारा इंडिया के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें एक मामले में कोर्ट ने सहारा प्रमुख, स्वप्ना रॉय, अनिल कुमार पांडेय, डीके श्रीवास्तव, रूमी दत्ता, करुणेश अवस्थी, राना जिया और अब्दुल दबीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके आधार पर दतिया पुलिस दबिश देने आई थी। इन सभी के खिलाफ जालसाजी, अमानत में खयानत, मध्य प्रदेश निक्षेपकों के हित का संरक्षण अधिनियम की धारा 6(1) में केस दर्ज है।
निवेशकों को रकम लौटाना सेबी की जिम्मेदारी
सहारा इंडिया के अधिकारी के मुताबिक उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सहारा ने आज तक ब्याज सहित 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा सेबी-सहारा अकाउंट में जमा किए हैं। सेबी की जिम्मेदारी थी कि जिन निवेशकों का उसमें से भुगतान नहीं हुआ, उनको सत्यापित करके भुगतान करें। मध्य प्रदेश की पुलिस भी जिन निवेशकों के मामले में आई थी, उसमें अनुमानित धनराशि दो से ढाई करोड़ रुपये है। पिछले नौ सालों में सेबी ने 125 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, लेकिन एक निर्धारित तारीख के बाद से सेबी ने भुगतान ही बंद कर दिया।
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मध्यप्रदेश के दतिया थाने के निरीक्षक रविंद्र शर्मा के मुताबिक सहारा इंडिया फाइनेंस कंपनी में हजारों निवेशकों का रुपये फंसा है। कई योजनाओं में निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। दतिया थाने में सहारा इंडिया के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज हैं। इसमें एक मामले में कोर्ट ने सहारा प्रमुख, स्वप्ना रॉय, अनिल कुमार पांडेय, डीके श्रीवास्तव, रूमी दत्ता, करुणेश अवस्थी, राना जिया और अब्दुल दबीर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके आधार पर दतिया पुलिस दबिश देने आई थी। इन सभी के खिलाफ जालसाजी, अमानत में खयानत, मध्य प्रदेश निक्षेपकों के हित का संरक्षण अधिनियम की धारा 6(1) में केस दर्ज है।
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निवेशकों को रकम लौटाना सेबी की जिम्मेदारी
सहारा इंडिया के अधिकारी के मुताबिक उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सहारा ने आज तक ब्याज सहित 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा सेबी-सहारा अकाउंट में जमा किए हैं। सेबी की जिम्मेदारी थी कि जिन निवेशकों का उसमें से भुगतान नहीं हुआ, उनको सत्यापित करके भुगतान करें। मध्य प्रदेश की पुलिस भी जिन निवेशकों के मामले में आई थी, उसमें अनुमानित धनराशि दो से ढाई करोड़ रुपये है। पिछले नौ सालों में सेबी ने 125 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, लेकिन एक निर्धारित तारीख के बाद से सेबी ने भुगतान ही बंद कर दिया।
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