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नेत्रहीन कुत्ते के बच्चे को सांसद ने अपनाया, वाराणसी के लोग सांसद के आवास पर छोड़ गए थे
Thu, 14 Jan 2021 07:23 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 14 Jan 2021 07:23 PM IST
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कुत्ते के बच्चे को दुलारती सांसद
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और सुल्तानपुर सांसद मेनका गांधी का पशु प्रेम जगजाहिर है। वे जहां भी जानवरों या पशु-पक्षियों के साथ कुछ गलत देखती हैं, उसकी मदद के लिए आगे आ जाती हैं। ऐसा ही एक मामला सुल्तानपुर में बुधवार को देखने को मिला। कुत्ते के एक नेत्रहीन बच्चे को कुछ लोग सांसद के शास्त्रीनगर आवास पर छोड़ गए। सांसद ने नेत्रहीन कुत्ते के बच्चे को खुद पालने का जिम्मा उठाया है।
वाराणसी के एक परिवार को कुत्ते का एक नेत्रहीन बच्चा मिला था। वह जन्मजात अंधा है। वाराणसी के रहने वाले परिवार को जानकारी मिली कि सांसद मेनका गांधी बुधवार को सुल्तानपुर जिले में रहेंगी। सूचना के बाद वहां से उस बच्चे को लेकर कुछ लोग शास्त्रीनगर स्थित सांसद मेनका गांधी के आवास पर पहुंचे और उसे छोड़कर चले गए। सांसद जब सुल्तानपुर आवास पर पहुंची तो उन्होंने इस कुत्ते के बच्चे को देखा तो उनसे रहा नहीं गया और उसे अपनी शॉल में लपेटकर दुलार करने लगीं। सांसद मेनका गांधी ने कहा कि भले की इसकी आंखें न हों लेकिन वे इसे कोई कष्ट नहीं होने देंगी।
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वाराणसी के एक परिवार को कुत्ते का एक नेत्रहीन बच्चा मिला था। वह जन्मजात अंधा है। वाराणसी के रहने वाले परिवार को जानकारी मिली कि सांसद मेनका गांधी बुधवार को सुल्तानपुर जिले में रहेंगी। सूचना के बाद वहां से उस बच्चे को लेकर कुछ लोग शास्त्रीनगर स्थित सांसद मेनका गांधी के आवास पर पहुंचे और उसे छोड़कर चले गए। सांसद जब सुल्तानपुर आवास पर पहुंची तो उन्होंने इस कुत्ते के बच्चे को देखा तो उनसे रहा नहीं गया और उसे अपनी शॉल में लपेटकर दुलार करने लगीं। सांसद मेनका गांधी ने कहा कि भले की इसकी आंखें न हों लेकिन वे इसे कोई कष्ट नहीं होने देंगी।
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