{"_id":"62eed0bb4953344b631f7f6c","slug":"mount-everest-winner-bachendri-pal-gave-success-formula-to-students-lucknow-news-lko6430273120","type":"story","status":"publish","title_hn":"BBAU: माउंट एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल बोलीं, उम्र व महिला होना सपने पूरा करने में बाधा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
BBAU: माउंट एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल बोलीं, उम्र व महिला होना सपने पूरा करने में बाधा नहीं
Sun, 07 Aug 2022 02:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 02:56 PM IST
सार
माउंट एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल बीबीएयू लखनऊ में विद्यार्थियों को प्रेरित किया और कहा कि महिलाओं को अपने आप को कभी कमजोर नहीं समझना चाहिए।
विज्ञापन
माउंट एवरेस्ट विजेता बछेंद्री पाल।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पचास पार की महिलाओं को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए ले जाने का सबसे बड़ा कारण समाज को यह संदेश देना था कि उम्र और लिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। हर इंसान चाहे कोई महिला हो या पुरुष, किसी भी उम्र का हो, यदि दृढ़ निश्चय कर ले तो उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
विज्ञापन
यह विचार माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली महिला, पद्म विभूषण व अर्जुन अवॉर्डी बछेंद्री पाल ने रखे। वे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) की 67 यूपी एनसीसी बटालियन, 20 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी व आजादी का अमृत महोत्सव समिति के संयुक्त आयोजन में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहीं थीं।
विज्ञापन
बछेंद्री पाल ने कहा कि उनकी 13 सदस्यीय टीम की सभी महिलाओं ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की है। महिलाओं को भी कभी खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को सपने देखने और उसको पूरा करने के लिए पूरा सामर्थ्य लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उनकी टीम की सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
यह टीम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शुरू हुए पांच माह के फिट/50 महिला ट्रांस हिमालयन पर्वतारोहण अभियान 2022 का भी हिस्सा रही है। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. अश्विनी सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. बीएस भदौरिया, प्रो. शिल्पी वर्मा, कैप्टन राजश्री, डॉ. रचना गंगवार आदि उपस्थित थे।