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एकेटीयू-केजीएमयू मिलकर विकसित करेंगे एआई डायग्नोस्टिक टूल, दोनों संस्थानों के बीच हुआ एमओयू
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) व किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सहायता से विभिन्न रोगों के त्वरित निदान (डायग्नोसिस) के लिए विविध उपकरण विकसित करेंगे, जिसके लिए दोनों संस्थाओं के बीच शुक्रवार को केजीएमयू के कुलपति कार्यालय में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।
एमओयू पर एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक एवं केजीएमयू कुलपति डॉ. विपिन पुरी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केजीएमयू कुलपति डॉ. पुरी ने कहा कि आने वाला समय एआई आधारित तकनीक का है। मेडिकल साइंस के क्षेत्र में चिकित्सा, शल्य एवं डायग्नोसिस के लिए एआई आधारित टूल विकसित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न रोगों की त्वरित डायग्नोसिस एवं उपचार के लिए एकेटीयू और केजीएमयू मिलकर काम करेंगे।
एकेटीयू कुलपति प्रो. पाठक ने कहा जल्द ही केजीएमयू में एक अलग प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। इसमें केजीएमयू और एकेटीयू के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित विभिन्न रोगों के डायग्नोसिस में सहायक टूल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के आह्वान में स्वदेशी एआई आधारित टूल विकसित करने की पहल के लिए यह साझा पत्र हस्ताक्षर किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व मे इस क्षेत्र में शोध कार्य हो रहे हैं। यदि हम इसमें पिछड़ गए तो भविष्य में ये टूल्स हमें विदेशों से खरीदने पड़ेंगे।
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वहीं एकेटीयू के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के नवनियुक्त निदेशक प्रो. एमके दत्ता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डीप लर्निंग के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर केजीएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट, कुलसचिव आशुतोष द्विवेदी, एकेटीयू कुलसचिव नंदलाल सिंह, डीआर डॉ. आरके सिंह, आशीष मिश्र आदि उपस्थित रहे।
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एमओयू पर एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक एवं केजीएमयू कुलपति डॉ. विपिन पुरी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केजीएमयू कुलपति डॉ. पुरी ने कहा कि आने वाला समय एआई आधारित तकनीक का है। मेडिकल साइंस के क्षेत्र में चिकित्सा, शल्य एवं डायग्नोसिस के लिए एआई आधारित टूल विकसित किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विभिन्न रोगों की त्वरित डायग्नोसिस एवं उपचार के लिए एकेटीयू और केजीएमयू मिलकर काम करेंगे।
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एकेटीयू कुलपति प्रो. पाठक ने कहा जल्द ही केजीएमयू में एक अलग प्रकोष्ठ की स्थापना की जाएगी। इसमें केजीएमयू और एकेटीयू के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित विभिन्न रोगों के डायग्नोसिस में सहायक टूल विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के आह्वान में स्वदेशी एआई आधारित टूल विकसित करने की पहल के लिए यह साझा पत्र हस्ताक्षर किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व मे इस क्षेत्र में शोध कार्य हो रहे हैं। यदि हम इसमें पिछड़ गए तो भविष्य में ये टूल्स हमें विदेशों से खरीदने पड़ेंगे।
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वहीं एकेटीयू के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के नवनियुक्त निदेशक प्रो. एमके दत्ता ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डीप लर्निंग के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर केजीएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट, कुलसचिव आशुतोष द्विवेदी, एकेटीयू कुलसचिव नंदलाल सिंह, डीआर डॉ. आरके सिंह, आशीष मिश्र आदि उपस्थित रहे।