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बेटे को हुई खून की उल्टियां तो मां ने तोड़ा दम, बेटे की भी मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 02 May 2016 11:14 AM IST
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बेटे का दर्द न देख सकी मां
- फोटो : ओपी वाधवानी
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कानपुर के बर्रा विश्वबैंक के एच ब्लॉक में कैंसर से पीड़ित बेटे को खून की उल्टी करते देख सदमे में आई मां की मौत हो गई। करीब दो घंटे बाद बेटे ने भी दम तोड़ दिया। एक घर में दो अर्थियां देखकर मोहल्ले वालों की भी आंखें नम हो गईं।
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परिवार की माली हालत खराब होने के कारण शवों के अंतिम संस्कार के लिए रिश्तेदारों के साथ ही मोहल्ले वाले भी आगे आए।
एसीएम, सीओ और समाजसेवी भी घर पहुंचे और मृतक युवक की पांच बेटियों की मदद की। सरकार से भी मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
एच ब्लॉक में रहने वाला मनोज (39) आटो चलाता था। परिवार में पत्नी आराधना, पांच बेटियां मानसी (13), प्रियांशी (11), साक्षी (9), आस्था (7), अदिति (2) और मां गायत्री (70) थीं। आराधना के मुताबिक मनोज को करीब चार साल से मुंह का कैंसर था।
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उल्टियां न रुकती देख घबराई मां
मृतक का परिवार
- फोटो : amar ujala
शनिवार शाम अचानक मनोज को खून की उल्टियां होने लगीं। रिश्तेदारों की मदद से पति को हैलट ले जाया गया। देर रात करीब एक बजे डॉक्टरों के कहने पर मनोज को वापस घर ले आया गया। करीब पौने दो बजे मनोज को फिर से उल्टियां शुरू हो गईं।
यह देख मां गायत्री घबरा गईं और ऊपर अपने कमरे में चली गईं। दो बजे के आसपास मानसी उन्हें देखने गई तो वह चारपाई पर मृत पड़ीं थीं। तड़के करीब चार बजे मनोज ने भी दम तोड़ दिया। इस मामले में गरीब परिवार की मदद के लिए जिलाधिकारी ने रेड क्रॉस कोष से मनोज दीक्षित के परिवार को पचास हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की है।
पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी मदद का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड और मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन भी दिलाई जाएगी।
यह देख मां गायत्री घबरा गईं और ऊपर अपने कमरे में चली गईं। दो बजे के आसपास मानसी उन्हें देखने गई तो वह चारपाई पर मृत पड़ीं थीं। तड़के करीब चार बजे मनोज ने भी दम तोड़ दिया। इस मामले में गरीब परिवार की मदद के लिए जिलाधिकारी ने रेड क्रॉस कोष से मनोज दीक्षित के परिवार को पचास हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की है।
पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से भी मदद का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड और मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन भी दिलाई जाएगी।