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Lucknow News: डॉक्टर साहब छुट्टी मना रहे हैं, कृपया बीमार न पड़ें
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राजधानी के बड़े चिकित्सा संस्थानों केजीएमयू, लोहिया व एसजीपीजीआई के कई डॉक्टर शीतकालीन अवकाश मना रहे हैं। इससे यहां ओपीडी-ओटी पर खास असर पड़ा है। सर्जरी की संख्या घटकर आधी हो गई है। मरीजों को ऑपरेशन की तारीख जनवरी बाद की मिल रही है। उधर, ओपीडी का ग्राफ भी गिरा है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। हालांकि, संस्थान प्रभारियों का कहना है विकल्प के तौर पर रेजीडेंट डॉक्टरों की सेवाएं लेकर ओटी का संचालन पूरी क्षमता से हो रहा है।
केजीएमयू : 450 की फैकल्टी, 200 अवकाश पर
केजीएमयू में करीब 450 फैकल्टी हैं। इसमें करीब 200 डॉक्टर छुट्टी पर हैं। संस्थान में रूटीन में 100-120 मेजर-माइनरी सर्जरी होती थीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से यह आंकड़ा 55-60 पर आ गया है। विवि में एनेस्थीसिया के 30 डॉक्टर हैं, इनमें से आधे छुट्टी मना रहे हैं। इससे ऑपरेशन के लिए मरीजों को 15 जनवरी के बाद की तारीख मिल रही है। वहीं, ओपीडी भी कई विभागों में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के हवाले हैं। सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया डॉक्टरों के अवकाश जाने से सर्जरी में कुछ फर्क पड़ा है। हालांकि, कुछ कुछ डॉक्टर नियमित नहीं हैं, वे लगातार सेवाएं दे रहे हैं।
लोहिया संस्थान : एक तिहाई डॉक्टर नहीं
लोहिया संस्थान में करीब 200 डॉक्टर हैं। इसमें से 80-90 छुट्टी पर चल रहे हैं। पहले मेजर-माइनर मिलाकर करीब 100 ऑपरेशन होते थे। विशेषज्ञों के अवकाश पर जाने से यहां भी सर्जरी का ग्राफ घटकर 50-55 के बीच बचा है। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. एके जैन ने बताया कि ठंड के मौसम में मरीज खुद ही सर्जरी नहीं कराते हैं। डॉक्टरों के अवकाश पर जाने का कोई खास असर नहीं है।
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एसजीपीजीआई :
एसजीपीजीआई में करीब 250 डॉक्टर हैं। इनमें से 40-50 के करीब छुट्टी पर होंगे। एनेस्थीसिया के 23 में से 10 डॉक्टर अवकाश पर होने से कई ओटी में एक भी ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया कि संस्थान में करीब 35 ओटी में रोज करीब 60 ऑपरेशन होते थे, लेकिन इन दिनों 40 सर्जरी ही हो पा रही हैं। दिल, पेट, न्यूरो समेत गंभीर मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंतजार करना होगा। पीजीआई प्रशासन का कहना है शीतकालीन अवकाश दो चरणों में घोषित किया गया है। आधे डॉक्टर 23 से 31 दिसंबर व बाकी दो से 10 जनवरी तक अवकाश पर रहेंगे। डॉक्टरों का ड्यूटी चार्ट जारी किया गया है। निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि ओटी पर खास असर नहीं है। ओपीडी भी सामान्य रूप से चल रही है।
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केजीएमयू : 450 की फैकल्टी, 200 अवकाश पर
केजीएमयू में करीब 450 फैकल्टी हैं। इसमें करीब 200 डॉक्टर छुट्टी पर हैं। संस्थान में रूटीन में 100-120 मेजर-माइनरी सर्जरी होती थीं, लेकिन डॉक्टरों के न होने से यह आंकड़ा 55-60 पर आ गया है। विवि में एनेस्थीसिया के 30 डॉक्टर हैं, इनमें से आधे छुट्टी मना रहे हैं। इससे ऑपरेशन के लिए मरीजों को 15 जनवरी के बाद की तारीख मिल रही है। वहीं, ओपीडी भी कई विभागों में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टरों के हवाले हैं। सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया डॉक्टरों के अवकाश जाने से सर्जरी में कुछ फर्क पड़ा है। हालांकि, कुछ कुछ डॉक्टर नियमित नहीं हैं, वे लगातार सेवाएं दे रहे हैं।
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लोहिया संस्थान : एक तिहाई डॉक्टर नहीं
लोहिया संस्थान में करीब 200 डॉक्टर हैं। इसमें से 80-90 छुट्टी पर चल रहे हैं। पहले मेजर-माइनर मिलाकर करीब 100 ऑपरेशन होते थे। विशेषज्ञों के अवकाश पर जाने से यहां भी सर्जरी का ग्राफ घटकर 50-55 के बीच बचा है। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. एके जैन ने बताया कि ठंड के मौसम में मरीज खुद ही सर्जरी नहीं कराते हैं। डॉक्टरों के अवकाश पर जाने का कोई खास असर नहीं है।
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एसजीपीजीआई :
एसजीपीजीआई में करीब 250 डॉक्टर हैं। इनमें से 40-50 के करीब छुट्टी पर होंगे। एनेस्थीसिया के 23 में से 10 डॉक्टर अवकाश पर होने से कई ओटी में एक भी ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया कि संस्थान में करीब 35 ओटी में रोज करीब 60 ऑपरेशन होते थे, लेकिन इन दिनों 40 सर्जरी ही हो पा रही हैं। दिल, पेट, न्यूरो समेत गंभीर मरीजों को ऑपरेशन के लिए इंतजार करना होगा। पीजीआई प्रशासन का कहना है शीतकालीन अवकाश दो चरणों में घोषित किया गया है। आधे डॉक्टर 23 से 31 दिसंबर व बाकी दो से 10 जनवरी तक अवकाश पर रहेंगे। डॉक्टरों का ड्यूटी चार्ट जारी किया गया है। निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि ओटी पर खास असर नहीं है। ओपीडी भी सामान्य रूप से चल रही है।