फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   More than 200 asthi kalash are in Locker on Gopal Ghat.

गोपाल घाट: मुक्ति पाने के लिए अपनों के इंतजार में 200 अस्थि कलश, अंतिम संस्कार करने के बाद भूल गए परिजन

Sun, 08 Oct 2023 05:41 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Published by: ishwar ashish Updated Sun, 08 Oct 2023 05:41 PM IST
सार

गोपाल घाट में 200 से ज्यादा अस्थि कलश अपनों के इंतजार में हैं। ऐसा लगता है कि उनके परिजन अंतिम संस्कार के बाद उन्हें भूल गए हैं। अस्थि कलश लॉकर में रखे हुए हैं।

विज्ञापन
More than 200 asthi kalash are in Locker on Gopal Ghat.
श्मशान घाट में रखीं अस्थियां दिखाता सेवादार। - फोटो : amar ujala

विस्तार

200 से अधिक अस्थि कलश मुक्ति पाने के लिए अपनों का इंतजार कर रहे हैं। कई सालों से रखे इन कलश को विसर्जित नहीं किया जा सका है। कोई अस्थियां लेने नहीं आ रहा है। पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों की मुक्ति व आत्मा की शांति के लिए तर्पण और कर्मकांड करते हैं। तो कई लोग पितृ पक्ष में भी अपने पुरखों का कर्मकांड करने के लिए अस्थियां लेने नहीं आ रहे हैं।

विज्ञापन


2021 में पितृ पक्ष के दौरान शहर के गोपाल घाट पर कई वर्षों से लगभग एक हजार अस्थि कलश रखे थे। कोई उन्हें लेने नहीं पहुंच रहा था। तब अमर उजाला में खबर छपने के बाद समाजसेवी आकाश बजरंगी ने उन अस्थियों का विसर्जन कर दिया था। उसके बाद से यहां सैकड़ों शवों के अंतिम संस्कार हो चुके हैं। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बोले- जातीय जनगणना के मुद्दे पर होगा लोकसभा चुनाव 2024
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - वर्ल्ड कप 2023 की यादगार शुरुआत के बाद लखनऊ पहुंची दक्षिण अफ्रीका, रिलैक्स नजर आए खिलाड़ी, तस्वीरें


गोपाल घाट के सेवादार बिरजू बताते हैं, कि कई मृतकों के परिजन अंतिम संस्कार करने बाद चले गए। फूल चुनने के लिए वापस नहीं पहुंचे। कई लोगों ने फूल चुनकर कलश में रखने के बाद अस्थियां लॉकर में रखवा दीं। लेकिन लेने नहीं आए। महीनों बाद भी अस्थियां कलश में कैद हैं। 14 अक्तूबर को पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा। अब भी मुक्ति पाने को यहां रखी अस्थियां अपनों का इंतजार कर रही हैं।

पांच तो किसी की अस्थियां सात माह से रखीं
मुक्तिधाम के सेवादार बिरजू ने बताया कि पितृ पक्ष शुरू होने के बाद कई लोग अपने पूर्वजों की अस्थियां ले गए हैं। इसके बाद भी 200 से अधिक अस्थियां यहां अपनों के आने के इंतजार में हैं। बिरजू के मुताबिक कई अस्थि कलश छह से सात माह से रखे हैं। इन्हें लेने कोई नहीं आया है।

विसर्जन न करने वालों के लिए पितृ पक्ष की महत्ता अधिक
पुरखों की मुक्ति के लिए तर्पण और विसर्जन करने का पितृ पक्ष उत्तम समय माना जाता है। कर्मकांड कराने वाले विद्वानों के अनुसार पितृ पक्ष में रीति-रिवाज से पूजा पाठ करने पर पितरों को मुक्ति व तृप्ति मिलती है। पूर्वज प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद भी वंशजों को प्रदान करते हैं। जिन्होंने अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन नहीं किया, उनके लिए पितृ पक्ष की महत्ता सबसे अधिक है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed