यूपी के वस्त्रोद्योग इकाइयों में 8000 करोड़ निवेश से 1.5 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
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उत्तर प्रदेश के वस्त्रोद्योग सेक्टर ने इन्वेस्टर्स समिट के एमओयू से जुड़ी 55 प्रतिशत से अधिक इकाइयों का क्रियान्वयन करने में सफलता हासिल की है। इनमें करीब 8000 करोड़ रुपये निवेश होगा और डेढ़ लाख लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
एमएसएमई, निर्यात, वस्त्र उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट में 66 वस्त्रोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए एमओयू हुआ था। इनमें से 39 इकाइयों का विभिन्न स्तर पर कार्य चल रहा है। इनमें से 11 इकाइयों ने उत्पादन शुरू कर दिया है। इन पर 641 करोड़ रुपये निवेश हुआ है और 2835 लोगों को रोजगार मिला है। 27 एमओयू से जुड़े निवेशक निष्क्रिय हैं। इन्हें क्रियान्वयन से बाहर मान लिया गया है।
गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर व मेरठ में 9 नई वस्त्रोद्योग इकाइयों की स्थापना पर कार्य चल रहा है। इन पर करीब 193 करोड़ रुपये निवेश होगा और करीब 3400 लोगों को रोजगार मिलेगा। ये सभी इकाइयां मार्च 2021 से पहले कॉमर्शियल उत्पादन शुरू कर देंगी।
16 इकाइयों का काम जल्द शुरू करने की तैयारी
मंत्री ने बताया कि 11 अन्य इकाइयों को जमीन उपलब्ध करा दी गई है। इनका काम जल्द शुरू होगा। इन पर 1413 करोड़ रुपये निवेश होगा और करीब 5000 लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
अगले सप्ताह अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अन्य 5 इकाइयों को जमीन आवंटन पर निर्णय हो जाएगा। इन इकाइयों से करीब 36 करोड़ रुपये निवेश और 670 लोगों को रोजगार मिलेगा।
तीन बड़ी इकाइयां 50 हजार को देंगी रोजगार
सिद्धार्थनाथ ने बताया कि एक अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर नोएडा में स्थापित होगा। इसमें एक ही स्थान पर 70 इकाइयां लगेंगी। इसके लिए 55 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी गई है।
दूसरा टेक्सटाइल क्लस्टर कोसीकला मथुरा में स्थापित होगा। बरेली में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से जुड़ी अड़चन भी दूर हो गई है। इन तीनों टेक्सटाइल पार्कों पर करीब 5500 करोड़ रुपये निवेश होगा और 50 हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा।