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सावधान : लखनऊ की हवा में घुला जहर, एक्यूआई पहुंचा 326 के ऊपर

Thu, 31 Oct 2019 04:59 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Thu, 31 Oct 2019 04:59 PM IST
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more poison dissolved in lucknow, aqi crosses 326 mark
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
राजधानी की हवा में ‘जहर’ बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 326 दर्ज हुआ। जबकि दिवाली से पहले 186 दर्ज हुआ था, जो इन चार दिनों में बढ़कर अधिकतक के स्तर पर पहुंचने लगा। मानकों के अनुसार इसे 50 से कम होना चाहिए। 
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क्यों हवा हो रही जहरीली
  • सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्मकण बढ़े
  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक हवा में सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्मकण पीएम2.5 बढ़ने से ऐसा हुआ है। 
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  • यूपीपीसीबी ने कहा-कोहरा बढ़ा इसलिए सूक्ष्मकण छंट नहीं पाए
  • यूपीपीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि मौसम बदलने से कोहरा बढ़ा है। इस कारण हवा में मौजूद सूक्ष्म कण छंट नहीं पाए, जिससे स्मॉग बन गया। इसने एक्यूआई को बढ़ाने का काम किया।पीएम2.5 के स्तर को कम करके एक्यूआई को नीचे लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एक्शन प्लान पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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इस तरह जहरीली हुई हवा
तारीख            वायु गुणवत्ता सूचकांक

27 अक्तूबर        186 पीला
28 अक्तूबर        305 लाल
29 अक्तूबर        314 लाल
30 अक्तूबर        326 लाल

बुधवार को तालकटोरा में सबसे खराब हवा
क्षेत्र            वायु गुणवत्ता सूचकांक

तालकटोरा    368 लाल
गोमतीनगर    343 लाल
लालबाग     293 गहरा पीला

जानिए कैसी है हवा 
वायु गुणवत्ता सूचकांक            रंग        गुणवत्ता

50 से कम                           गहरा हरा    अच्छी
51 से 100                             हरा        संतोषजनक
101 से 200                           पीला        सुधरी हुई
201 से 300                        गहरा पीला    खराब
301 से 400                           लाल        बहुत खराब
401 से अधिक                     गहरा लाल    खतरनाक

 

एक्शन प्लान : चौराहों से 50 मीटर दूर रोके जाएंगे सवारी वाहन

यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि वायु प्रदूषण रोकने के लिए एक्शन प्लान लागू किया गया है। इसके तहत डीजल टेंपो को शहर से बाहर ही रोका जाएगा, वहीं चौराहों से 50 मीटर की दूरी पर ही सवारी वाहन यात्रियों को उतारेंगे। इससे चौराहों पर जाम नहीं लगेगा।

वाहनों का उत्सर्जन नापने के लिए प्रदूषण जांच केंद्रों को भी सक्रिय बनाया जा रहा है। वहीं, इसकी भी निगरानी होगी कि कूड़ा न जले। बिजली आपूर्ति भी बढ़ाई जा रही है, जिससे डीजल से चलने वाले जनरेटर न चलें। जिला प्रशासन के अलावा दूसरे विभागों को भी इसमें शामिल किया गया है।


धुंध से बिगड़ी राजधानी की आबो-हवा बेहतर बनाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। दमघोंटू प्रदूषण की रोकथाम को जरूरी उपाय का अनुपालन न कराने वाले विभागों के जिम्मेदारों पर बिना नोटिस सीधे कार्रवाई होगी। दीपावली बाद से बढ़े प्रदूषण की रोकथाम से जुड़े विभागों के जिम्मेदारों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे डीएम कौशल राज शर्मा ने बुधवार को यह चेतावनी दी।

डीएम ने कहा कि प्रदूषित हवा से राहत दिलाने की मुहिम की निगरानी की कमान वह खुद संभालेंगे। निर्देश दिया कि निर्माण कार्य से जुड़ी साइट से लेकर मेट्रो साइट, रोड ट्रैफिक, खुले में कूड़ा जलाने वालों से मौके पर ही जुर्माना लगाया जाए।

ट्रैफिक पुलिस एक नवंबर से शुरू यातायात पखवारे में प्रदूषण बढ़ा रहे वाहनों को सीज कर वाहन स्वामी पर जुर्माना लगाए। डीएम ने नाराजगी जताई कि दिवाली से पहले प्रदूषण की रोकथाम को यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्शन प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन में कई विभागों ने शिथिलता बरती।

यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ाने में चिह्नित 13 इकाइयों को बंद कराने के साथ सौ से अधिक बिल्डर व ठेकेदार फर्म को नोटिस भेजा गया है। सुधार न लाने वाली ठेकेदार फर्मों से मौके पर ही जुर्माना वसूला जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने बताया कि शहरी सीमा से सटे चार हॉट मिक्स प्लांट बंद कर वैकल्पिक तरीके से सड़क निर्माण हो रहा है।
 

सभी विभागों की जिम्मेदारी तय 

  • ट्रांसपोर्ट व ट्रैफिक : पीक ऑवर में भारी वाहनों की एंट्री शहरी क्षेत्र में रोकना। डीजल चलित वाहनों को रोकना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहित कर जाम मुक्त ट्रैफिक संचालन कराना।
  • जिला प्रशासन : जिला प्रशासन क्षेत्रवार मजिस्ट्रेट तैनात कर प्रदूषण की रोकथाम को कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के साथ इसमें शामिल विभागों के बीच समन्वय रखेगा।
  • फायर एंड सेफ्टी : प्रमुख मार्गों व धूल भरे रास्तों को चिह्नित कर नियमित तौर पर पानी का छिड़काव कराना।
  • शिक्षा: स्कूली बच्चों को प्रदूषण की रोकथाम के प्रति जागरूक कर इनसे प्रचार-प्रसार कराना, खतरनाक स्तर पर वायु प्रदूषण हो तो इमरजेंसी में स्कूल बंद करना।
  • शहरी विकास, पीडब्ल्यूडी, आवास विकास, एलडीए : धूल फैलाने वाली निर्माण साइट बंद कराना, सड़कों को गड्ढे मुक्त बनाना, भवन व सड़क निर्माण का काम धूल रहित कराना, नियमित पानी का छिड़काव करवाना, सड़क किनारे कूड़ा न जलाने देना। 
  • यूपीपीसीबी व माइनिंग, मेट्रो : प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों के काम की नियमित निगरानी के साथ औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण रोकने की कार्रवाई के साथ प्रतिष्ठानों में पीएनजी विस्तार को बढ़ावा देना। खनन अनुभाग नया खनन लाइसेंस जारी नहीं करेगा। मेट्रो निर्माण की साइड को जाल से कवर करने के साथ नियमित पानी का छिड़काव कराना।
  • यूपी पावर कार्पोरेशन व गैस सप्लाई कंपनी : डीजल चालित जेनरेटर बंद करवाना, विद्युत के साथ सीएनजी व पीएनजी सेवा को विस्तार देना। 

कोयला, ईंधन का प्रयोग रोकना

डीएम ने जिलापूर्ति व एफएसडीए के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ढाबों, रेस्टोरेंट में कोयला, लकड़ी का प्रयोग सख्ती से रोका जाए। इसकी जगह एलपीजी, पीएनजी के साथ इलेक्ट्रिक सप्लाई से चलने वाले उपकरण का प्रयोग कराएं। नगर निगम खुले में कूड़ा जलाने पर कड़ी निगरानी रखे। व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाएं, ताकि इसकी सूचना जल्द मिले। 

पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट
उप्र्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर एक्शन प्लान से जुड़े सभी विभाग, प्राधिकरण व संस्थान अपने स्तर पर की कार्रवाई की नियमित जानकारी फोटो सत्यापित रिपोर्ट के साथ अपडेट करेंगे। डीएम हर सप्ताह इसकी समीक्षा के आधार पर लापरवाह विभागों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करेंगे।

खेत में पराली जलाने का पहला मामला बीकेटी में
बैठक में बताया गया कि प्रतिबंध के बावजूद राजधानी क्षेत्र में खेत में पराली जलाने का पहला मामला बीकेटी तहसील क्षेत्र में पकड़ आया है। सहायक विकास अधिकारी की ओर से तैयार सत्यापन रिपोर्ट कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी गई है।

डीएम ने बताया कि पराली जलाने के आरोपी से जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने सभी एसडीएम को अपने तहसील क्षेत्र में खेतों में पराली जलाने की घटना रोकने को बीडीओ, लेखपाल की टीमें गठित कर नियमित निगरानी का निर्देश भी दिया। 
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