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चंद्रग्रहण आज, शाम को मंदिर होंगे बंद
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चंद्रग्रहण आज, शाम साढ़े चार बजे बंद हो जाएंगे मंदिरों के कपाट, 179 मिनट तक देख सकेंगे खगोलीय नजारे
गुरु पूर्णिमा पर मंगलवार को देर रात खंडग्रास चंद्रग्रहण पड़ेगा। ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक लग जाएगा, जिसके चलते शाम 4:30 बजे शहर के तमाम मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
ग्रहण देर रात 1 बजकर 37 मिनट से शुरू होगा, जो करीब तीन घंटे तक चलेगा। देव दर्शन के लिए मंदिरों के कपाट बुधवार सुबह खुलेंगे।
मंदिरों में सोमवार को श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी सूचना पट के जरिये दी गई। ग्रहण के दौरान शहरी 179 मिनट तक अद्भुत खगोलीय नजारे देख सकेंगे।
हनुमान सेतु मंदिर के मुख्य पुजारी के मुताबिक चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक काल 4:30 बजे के बाद से शुरू हो रहा है, इसलिये मंदिर उसी समय से बंद कर दिया जाएगा।
शाम की आरती नहीं होगी। राजेन्द्रनगर महाकाल मंदिर के भक्त अतुल मिश्रा ने बताया कि मंदिर सूतक लगने से पहले ही बंद होगा।
मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि मंदिर शाम को सूतक काल लगने से पहले ही पूजा पाठ के लिए बंद हो जाएगा। अगले दिन सुबह ही खुलेगा।
नगर के तमाम हनुमान मंदिरों में भी पूर्णिमा पर पूजन दर्शन सुबह से शाम 4:30 बजे के पहले ही किए जा सकेंगे। नगर के अन्य हनुमान मंदिरों के अलावा शिवालय भी शाम से ही बंद होंगे।
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मनकामेश्वर उपवन घाट पर सूतक लगने से पहले होगी आरती
उधर, मनकामेश्वर मठ मंदिर, देव्या चैरिटेबुल ट्रस्ट एवं नमोस्तुते मां गोमती की ओर से मनकामेश्वर घाट पर सूतक लगने से पहले गोमा आरती की जाएगी। आरती दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:29 तक होगी।
लगभग 179 मिनट तक चंद्रग्रहण
आचार्य प्रदीप ने बताया कि भारतीय समय अनुसार रात 1:37 बजे से चंद्रग्रहण स्पर्श शुरू होगा। मध्य 3:07 बजे और चंदग्रहण का मोक्ष भोर में 4:36 बजे होगा। खंडग्रास चंद्रग्रहण की कुल अवधि लगभग 179 मिनट की रहेगी। देश के अधिकतर भू-भाग से ग्रहण को देखा जा सकेगा।
ग्रहण के प्रभाव, करें ये उपाय
ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि ग्रहण वृष लग्न, उत्तराषाढ़ नक्षत्र व मकर राशि में शुरू हो रहा है। इसलिये कई राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। ग्रहण का स्पर्श धनु राशि में होगा और मोक्ष मकर राशि में होगा। विशेष रूप इस नक्षत्र व राशि में जन्म लेने वालों को ग्रहण नहीं देखना चाहिए। बताया कि शास्त्रों के मुताबिक बाल वृद्ध व रोगी को छोड़कर ग्रहण से 9 घंटे पूर्व आहार वर्जित है। गर्भवती महिलाओं को चाहिए की अपने शरीर के बराबर काला धागा नापकर दीवाल में कील के सहारे लटका दें। ग्रहण काल में शयन न करें। ग्रहण काल में किया हुआ जप-तप सिद्धप्रद होता है।
मेष : मानहानि व शारीरिक कष्ट
वृष : कठिन, हानिकारक, कष्ट
मिथुन : जीवन साथी को कष्ट
कर्क : सुख प्राप्ति
सिंह : मानसिक कष्ट
कन्या : मानसिक व शारीरिक कष्ट
तुला : धन की प्राप्ति
वृश्चिक : आर्थिक कष्ट
धनु : कष्टकारी
मकर : अशुभ
कुम्भ : लाभ
मीन : सुख की प्राप्ति
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गुरु पूर्णिमा पर मंगलवार को देर रात खंडग्रास चंद्रग्रहण पड़ेगा। ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक लग जाएगा, जिसके चलते शाम 4:30 बजे शहर के तमाम मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
ग्रहण देर रात 1 बजकर 37 मिनट से शुरू होगा, जो करीब तीन घंटे तक चलेगा। देव दर्शन के लिए मंदिरों के कपाट बुधवार सुबह खुलेंगे।
मंदिरों में सोमवार को श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी सूचना पट के जरिये दी गई। ग्रहण के दौरान शहरी 179 मिनट तक अद्भुत खगोलीय नजारे देख सकेंगे।
हनुमान सेतु मंदिर के मुख्य पुजारी के मुताबिक चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक काल 4:30 बजे के बाद से शुरू हो रहा है, इसलिये मंदिर उसी समय से बंद कर दिया जाएगा।
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शाम की आरती नहीं होगी। राजेन्द्रनगर महाकाल मंदिर के भक्त अतुल मिश्रा ने बताया कि मंदिर सूतक लगने से पहले ही बंद होगा।
मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने बताया कि मंदिर शाम को सूतक काल लगने से पहले ही पूजा पाठ के लिए बंद हो जाएगा। अगले दिन सुबह ही खुलेगा।
नगर के तमाम हनुमान मंदिरों में भी पूर्णिमा पर पूजन दर्शन सुबह से शाम 4:30 बजे के पहले ही किए जा सकेंगे। नगर के अन्य हनुमान मंदिरों के अलावा शिवालय भी शाम से ही बंद होंगे।
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मनकामेश्वर उपवन घाट पर सूतक लगने से पहले होगी आरती
उधर, मनकामेश्वर मठ मंदिर, देव्या चैरिटेबुल ट्रस्ट एवं नमोस्तुते मां गोमती की ओर से मनकामेश्वर घाट पर सूतक लगने से पहले गोमा आरती की जाएगी। आरती दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:29 तक होगी।
लगभग 179 मिनट तक चंद्रग्रहण
आचार्य प्रदीप ने बताया कि भारतीय समय अनुसार रात 1:37 बजे से चंद्रग्रहण स्पर्श शुरू होगा। मध्य 3:07 बजे और चंदग्रहण का मोक्ष भोर में 4:36 बजे होगा। खंडग्रास चंद्रग्रहण की कुल अवधि लगभग 179 मिनट की रहेगी। देश के अधिकतर भू-भाग से ग्रहण को देखा जा सकेगा।
ग्रहण के प्रभाव, करें ये उपाय
ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि ग्रहण वृष लग्न, उत्तराषाढ़ नक्षत्र व मकर राशि में शुरू हो रहा है। इसलिये कई राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। ग्रहण का स्पर्श धनु राशि में होगा और मोक्ष मकर राशि में होगा। विशेष रूप इस नक्षत्र व राशि में जन्म लेने वालों को ग्रहण नहीं देखना चाहिए। बताया कि शास्त्रों के मुताबिक बाल वृद्ध व रोगी को छोड़कर ग्रहण से 9 घंटे पूर्व आहार वर्जित है। गर्भवती महिलाओं को चाहिए की अपने शरीर के बराबर काला धागा नापकर दीवाल में कील के सहारे लटका दें। ग्रहण काल में शयन न करें। ग्रहण काल में किया हुआ जप-तप सिद्धप्रद होता है।
मेष : मानहानि व शारीरिक कष्ट
वृष : कठिन, हानिकारक, कष्ट
मिथुन : जीवन साथी को कष्ट
कर्क : सुख प्राप्ति
सिंह : मानसिक कष्ट
कन्या : मानसिक व शारीरिक कष्ट
तुला : धन की प्राप्ति
वृश्चिक : आर्थिक कष्ट
धनु : कष्टकारी
मकर : अशुभ
कुम्भ : लाभ
मीन : सुख की प्राप्ति