किसानों के लिए मांगे 7600 करोड़, मिले 2800
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केंद्र सरकार ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि पीड़ित किसानों की सहायता के नाम यूपी सरकार को महज 2800 करोड़ रुपये देगी। शुक्रवार को इसकी सूचना राज्य सरकार को दी गई।
जबकि राज्य ने केंद्र से 7,600 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी। इससे राज्य सरकार की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है।
गौरतलब है कि सूबे में इस साल फरवरी से अप्रैल के बीच बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलें नष्ट हो गई थी। इसके बाद किसानों को राहत के नाम पर केंद्र व राज्य के बीच खूब दावे किए गए।
केंद्र ने किसान हितैषी चेहरा पेश करते हुए ज्यादा किसानों की मदद के लिए राहत के मानक बदले तो प्रदेश सरकार ने आगे बढ़कर अपनी ओर से भी सहायता का ऐलान किया।
राज्य सरकार ने अपनी क्षमता से बांटे चार हजार करोड़
फिर आपदा राहत के लिए 1000 करोड़ की अग्रिम मांग को लेकर केंद्र व राज्य के नेताओं के बीच जमकर जुबानी जंग हुई। प्रदेश सरकार ने किसानों के नुकसान का आकलन करते हुए 7,600 करोड़ रुपये की मांग केंद्र से की।
इसी उम्मीद में उसने अभी तक करीब 4,000 करोड़ रुपये बांट दिए कि केंद्र से मांग के अनुरूप पैसा मिल जाएगा। प्रदेश सरकार ने इस पैसे की व्यवस्था राज्य आकस्मिकता निधि से की है।
इस पर प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर का कहना है कि सहायता राशि उम्मीद से बहुत कम है। अभी तक केंद्र से पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने के बाद ही स्थिति साफ होगी।