Lucknow: दिल्ली जेल में बंद कैदी ने दी दरोगा भर्ती परीक्षा, साइबर फ्रॉड मामले में है आरोपी
दिल्ली जेल में बंद आरोपी को न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद परीक्षा देने की अनुमति दी गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद उसे वापस दिल्ली भेज दिया गया।
विस्तार
मोहनलालगंज कस्बे में स्थित काशीश्वर इंटर कॉलेज में बनाए गए दरोगा भर्ती परीक्षा केंद्र पर रविवार को एक बंदी ने पुलिस सुरक्षा के बीच परीक्षा दी। बंदी को विशेष अनुमति के बाद दिल्ली से लाकर परीक्षा में शामिल कराया गया।
पुलिस के अनुसार प्रयागराज निवासी अंकित त्रिपाठी साइबर फ्रॉड के मामले में दिल्ली सेंट्रल जेल में बंद है। उसने उत्तर प्रदेश पुलिस की सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
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न्यायालय की अनुमति मिलने के बाद रविवार को दिल्ली पुलिस आरोपी बंदी को कड़ी सुरक्षा में लेकर मोहनलालगंज पहुंची। यहां निर्धारित परीक्षा केंद्र पर उसे परीक्षा में बैठाया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस बंदी को वापस दिल्ली ले गई।
झूठी सूचना प्रसारित करने पर चार और एफआईआर
यूपी एसआई भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्र बेचने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ठगी और भ्रामक सूचनाएं फैलाने के मामले में चार और प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। भर्ती बोर्ड के सोशल मीडिया प्रकोष्ठ में तैनात निरीक्षक सतेंद्र कुमार ने हुसैनगंज थाने में ये प्राथमिकी दर्ज कराई हैं। इससे पहले भी हुसैनगंज थाने में भर्ती परीक्षा के संबंध में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थीं, जिससे कुल सात प्राथमिकी हो गई हैं।
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि 13 मार्च को यूपीएसआई परीक्षा 2026 नाम के टेलीग्राम चैनल पर मेसेज पोस्ट किया गया था। इसमें 12 हजार रुपये में भर्ती परीक्षा के उत्तर उपलब्ध कराने का जिक्र था। भुगतान के लिए यूपीआई shuriyakumar@nyes दिया गया था, जिसमें छह हजार रुपये पहले और छह हजार रुपये बाद में मांगे गए थे। 14 मार्च को एक्स हैंडल @isinghniharika से बलिया व वाराणसी केंद्रों पर पेपर आउट होने की झूठी सूचना प्रसारित की गई। यूट्यूब चैनल @VIRATVISIONK पर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने का झूठा वीडियो पोस्ट किया गया था।
14 मार्च की सुबह व्हाट्सएप पर हेल्पर नामक उपयोगकर्ता ने यूपी एसआई परीक्षा 14 मार्च 2026 शिफ्ट-1 नाम से मेसेज प्रसारित किया। इसमें 25 हजार रुपये देकर पेपर लेने की बात कही गई थी। एसीपी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। भर्ती बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक ने ऐसी भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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