सड़क न पानी, इन्हें चाहिए बस वोटर्स की मेहरबानी
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लखनऊ महानगर को लगभग चारों तरफ से घेरने वाला यह संसदीय क्षेत्र बेहाल है।
सड़कें खस्ताहाल हैं, डिवाइडर टूटे हुए हैं तो बिजली भी आंखमिचौली करती है।
इससे न तो आम पट्टी में बागों की सिंचाई ठीक से हो पा रही है और न ही नर्सरी तैयार हो पा रही हैं।
बरसात के दिनों में मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र में हर जगह जलभराव नजर आता है।
चार विधानसभाएं सीटें आती हैं इसमें
मोहनलालगंज में लखनऊ जिले की चार मोहनलालगंज, बख्शी का तालाब, मलिहाबाद, सरोजनीनगर और सीतापुर जिले की सिधौली विधानसभा सीटें आती हैं।
मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे लोगों का दर्द यह भी है कि इतनी दिक्कतों के बावजूद ये मुद्दे की शक्ल अख्तियार नहीं करते।
समस्याओं से इतर सियासत की बात करें तो लोग प्रत्याशी से ज्यादा पार्टी की चर्चा कर रहे हैं।
मोदी की चर्चा है तो बसपा और सपा की बात करने वाले भी कम नहीं हैं।
क्या कहते हैं लोग
बख्शी का तालाब के चंदाकोंडर ग्राम पंचायत के विजयपुर गांव के पूर्व प्रधान दयाशंकर यादव कहते हैं कि राजधानी लखनऊ से चंद किमी दूर होने के बावजूद अभी तक उनके गांव में बिजली नहीं है।
पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। न स्कूल है और न ही कोई सरकारी इमारत।
चंद्रिका देवी मंदिर मोड़ पर जनरल स्टोर चलाने वाले विपिन तिवारी सुलभ शौचालयों का सवाल उठाते हैं। वे कहते हैं कि नाले अटे पड़े हैं। नेताओं को यह सब नहीं दिखता।
चुनावी रुझान पर कहते हैं, हर जगह मोदी की चर्चा है, लेकिन हम तो सपा और कांग्रेस में जिसकी फिजा बेहतर होगी, उसी को वोट करेंगे।
पब्लिक से कटे हुए हैं नेता
रायबरेली रोड की कई कॉलोनियों में लोगों को सांसद और प्रत्याशियों के जनता से कटे रहने की शिकायत है।
सेनानी विहार निवासी पूर्व फौजी लोकेश सुदन कहते हैं, उनके इलाके में छह साल से सड़क की मरम्मत तक नहीं हुई।
साउथ सिटी में दि सिटी पब्लिक स्कूल के संचालक रविंद्र सिंह कहते हैं, सियासी लोग चुनाव के समय सक्रिय होते हैं, बाकी समय पब्लिक से कटे रहते हैं। उनकी समस्याओं से सरोकार नहीं है।
मोहनलालगंज का विकास नहीं हुआ
रायबरेली रोड फोर लेन बन गई है। कस्बे में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से चल रहा है।
यहां के लोगों का दर्द है कि उनके क्षेत्र का विकास नहीं हुआ। तहसील और थाना होने के बावजूद कस्बानुमा मोहनलालगंज हर मामले में पिछड़ा हुआ है।
कई जगह सियासी चर्चाओं में मुद्दे गायब हैं। जाति, धर्म का गुणा भाग लगाया जा रहा है।
सूरमाओं के तरकश के तीर
नरेंद्र गौतम (कांग्रेस) आरके चौधरी (बसपा) कौशल किशोर (भाजपा) सुशीला सरोज (सपा)
लोकसभा चुनाव 2009
सुशीला सरोज (सपा)2,56,367 जय प्रकाश (बसपा) 1,79,772
आरके चौधरी (आरएसबीपी) 1,44,341 रंजन कुमार चौधरी (भाजपा) 82,435
(आरसीपी के जयपाल पथिक (17082), निर्दलीय रामधन (9673) और यूपीआरपी के सत्तीदीन को (4604) मत मिले थे।)