फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   modi rally in lucknow

मोदी रैली: ये तो सिर्फ ट्रेलर था, पिक्चर तो अब दिखेगी

Fri, 03 Jan 2014 10:21 PM IST
अखिलेश वाजपेई/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेई/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 03 Jan 2014 10:21 PM IST
विज्ञापन
modi rally in lucknow

नरेंद्र मोदी की अब होने जा रही रैलियों से भाजपा की असली जमीन भी पता चलेगी।

विज्ञापन


पार्टी के बड़े नेताओं की एकजुटता और उनकी पहुंच व पकड़ का पता चलेगा।

साथ ही यह भी उजागर होगा कि इन नेताओं का अपने-अपने इलाके में असर पहले जितना ही है अथवा उसमें कुछ बढ़ोतरी भी हुई है।

मुजफ्फरनगर घटना के बाद समीकरणों में कुछ बदलाव आया है अथवा नहीं। अगर बदलाव आया है तो भाजपा में उसमें कहां पर खड़ी है।

पूरी पार्टी को एकजुट करने का भार जिनके कंधों पर है वे कितना एकजुट हो पाए हैं। अभी तक हुई मोदी की पांच रैलियां यूपी में इफेक्ट का लिटमस टेस्ट थीं।

रैलियां इस बात की कोशिश भी थी कि बंजर हो चुकी जमीन पर कमल को दोबारा खिलाने की संभावनाएं कैसी हैं।

जिसके लिए बहराइच जैसे तराई और नेपाल सीमा से सटे पिछड़े इलाके में रैली की गई तो कभी सूबे की औद्योगिक राजधानी माने जाने वाले कानपुर में भी।

गरीबी और तमाम प्रकार की ससस्याओं वाले बुंदेलखंड से लेकर धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण मथुरा के निकट आगरा और काशी-विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में भी रैलियां करके भाजपा ने इन इलाकों में अपनी संभावनाएं टटोली।

उपजाऊ रही है जमीन

अब मोदी की रैलियां जिन क्षेत्रों में होनी हैं, उनका अलग महत्व है। न सिर्फ जिम्मेदार नेताओं के लिहाज से बल्कि सीटों की संख्या के आधार पर यह इलाके विशिष्ट महत्व रखते हैं।
विज्ञापन


लोकसभा में भाजपा के यूपी से जो 10 सीटें हैं, उनमें सात सीटें मेरठ, गाजियाबाद, पीलीभीत, आंवला, गोरखपुर, बांसगांव और आजमगढ़ यहीं से मिली हैं।

न सिर्फ पिछले चुनाव में बल्कि उससे पहले 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने इस इलाके में अन्य क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया था।

इसलिए है महत्वपूर्ण
मेरठ क्षेत्र में आने वाली गाजियाबाद सीट से सांसद राजनाथ सिंह इस समय पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तो सूबे में पार्टी की बागडोर मेरठ से विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के हाथ में है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी के युवा और तेजतर्रार ही नहीं बल्कि भगवा चेहरों में शुमार योगी आदित्यनाथ और वरुण गांधी के  भी क्षेत्र में रैलियां होनी हैं।

मेनका गांधी और उनके पुत्र वरुण गांधी बरेली क्षेत्र से सांसद हैं। स्वाभाविक है कि मोदी की अब होने वाली रैलियों में जुटने वाली भीड़ इन नेताओं की लोकप्रियता और पकड़ की बानगी भी होगी।


पार्टी नेताओं की एकजुटता की असलियत सामने रखेगी। लोगों में जिज्ञासा इस बात को लेकर भी है कि खुद को किसी से कमतर न मानने वाले वरुण गांधी मोदी की रैली में मंच पर रहेंगे या नहीं?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed