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Lucknow News: मोदी ने महाराष्ट्र व बिहार से जोड़ा श्रावस्ती का नाता
Thu, 23 May 2024 02:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 23 May 2024 02:34 AM IST
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श्रावस्ती। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती के कटरा में बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सपा, बसपा व कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने तथागत भगवान बुद्ध, लवकुश व जैन तीर्थंकर का नाम लेकर मुंबई से बिहार तक के मतदाताओं को साधा।
बौद्ध तपोस्थली का बिहार व मुंबई से सीधा नाता है। एक तरफ जहां तथागत भगवान बुद्ध को बिहार के बोधि गया में ज्ञान की प्राप्ति हुई। वहीं उन्होंने अपने जीवन का सर्वाधिक समय श्रावस्ती में ही बिताया। श्रावस्ती को लव कुश की जन्मस्थली होने के साथ ही कुश की राजधानी होने का भी गौरव प्राप्त है। इनका ननिहाल बिहार में था। महाराष्ट्र में भगवान श्री राम का ननिहाल था इसलिए बिहार व महाराष्ट्र में भगवान श्रीराम व तथागत भगवान बुद्ध के अनुयायियों की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने तथागत व लव कुश का नाम लेकर श्रावस्ती ने न सिर्फ महाराष्ट्र से बिहार तक के मतदाताओं को साधा। उन्होंने जैन तीर्थंकर को प्रणाम कर देश के करीब दो प्रतिशत से अधिक जैन मतदाताओं को भी अपने पाले में खींचने का भी प्रयास किया।
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बौद्ध तपोस्थली का बिहार व मुंबई से सीधा नाता है। एक तरफ जहां तथागत भगवान बुद्ध को बिहार के बोधि गया में ज्ञान की प्राप्ति हुई। वहीं उन्होंने अपने जीवन का सर्वाधिक समय श्रावस्ती में ही बिताया। श्रावस्ती को लव कुश की जन्मस्थली होने के साथ ही कुश की राजधानी होने का भी गौरव प्राप्त है। इनका ननिहाल बिहार में था। महाराष्ट्र में भगवान श्री राम का ननिहाल था इसलिए बिहार व महाराष्ट्र में भगवान श्रीराम व तथागत भगवान बुद्ध के अनुयायियों की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने तथागत व लव कुश का नाम लेकर श्रावस्ती ने न सिर्फ महाराष्ट्र से बिहार तक के मतदाताओं को साधा। उन्होंने जैन तीर्थंकर को प्रणाम कर देश के करीब दो प्रतिशत से अधिक जैन मतदाताओं को भी अपने पाले में खींचने का भी प्रयास किया।
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