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मनरेगा घोटाला : डीएम ने दिए एफआईआर के आदेश, सीडीओ ने बैठा दी जांच, जेसीबी से अमृत सरोवर की खोदाई का मामला
Sun, 11 Dec 2022 07:25 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 11 Dec 2022 07:25 PM IST
सार
सीडीओ द्वारा नामित जांच अधिकारी खंड विकास अधिकारी गोसाईंगंज निशांत राय ने बताया कि मामले में दो सचिव व दो तकनीकी सहायक जांच के दायरे में हैं। मुझे जांच कर आख्या देने का निर्देश मिला है। जांच बुधवार तक पूरी हो जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ में शासकीय योजना में भ्रष्टाचार के मामले में डीएम व सीडीओ की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रकरण गोसाईंगंज की ग्राम पंचायत सेल्हूमऊ व मोहम्मदपुर गढ़ी में अमृत सरोवर के कार्यों में हेराफेरी की शिकायत पर जिलाधिकारी कार्यालय ने बीते 24 अगस्त को जांच के आदेश दिए थे। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की थी। जांच टीम को मामले में एक ही कार्य में मनरेगा व 15 वें वित्त की धनराशि के उपभोग के साक्ष्य मिले।
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वहीं, अमृत सरोवर में जेसीबी से खोदाई के भी साक्ष्य मिले। इस पर बीते 24 नवंबर को जिलाधिकारी ने जिला पंचायती राज अधिकारी व खंड विकास अधिकारी गोसाईंगंज को एक सप्ताह में दोषी सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराते हुए प्रधानों को 95 जी की नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। एफआईआर के स्पष्ट आदेश के बावजूद मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी गोसाईंगंज को दोबारा प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए।
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17 दिन बाद भी करीबी को बचाने की जुगत में अधिकारी
विकास भवन के अधिकारियों में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। डीएम के आदेश के 17 दिन बाद भी भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। सीनियर अधिकारी की जांच के बाद अब जूनियर अधिकारी से मामले की जांच करवाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। लोगों का कहना है कि करीबी सचिव को बचाने के लिए जांच कमेटी का खेल किया जा रहा है।
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जांच अधिकारी बोले- बुधवार तक दे देंगे आख्या
सीडीओ द्वारा नामित जांच अधिकारी खंड विकास अधिकारी गोसाईंगंज निशांत राय ने बताया कि मामले में दो सचिव व दो तकनीकी सहायक जांच के दायरे में हैं। मुझे जांच कर आख्या देने का निर्देश मिला है। जांच बुधवार तक पूरी हो जाएगी। तीन दिन में आख्या दे दी जाएगी। वहीं, सीडीओ रिया केजरीवाल ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।