सपा का मुस्लिम कार्ड, कैबिनेट को पहनाई 'टोपी'
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समाजवादी पार्टी ने मुस्लिमों को अपने पाले में खींचने के लिए एक साथ चार मुस्लिम चेहरों को कैबिनेट मंत्रिमंडल में जगह दे दी है।
शुक्रवार सुबह सपा सरकार ने उन्नाव सदर से विधायक दीपक कुमार की मौत पर शोक तो जताया, लेकिन पिछली बार की तरह इस बार मंत्रिपरिषद विस्तार टालने के संकेत नहीं दिए।
राजभवन में हुए इस समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद रहे। सबसे पहले हाल ही में कैबिनेट मंत्री के लिए प्रस्तावित किए गए शिवाकांत ओझा की शपथ हुई।
उसके बाद, महबूब अली, शाहिद मंजूर और इकबाल महमूद का प्रमोशन किया गया है। अब ये तीनों मुस्लिम चेहरे कैबिनेट मंत्री हो गए हैं। इनकी श्ापथ भी हो गई है।
बहराइच इलाके से विधायक वकार अहमद शाह के इस्तीफे के बाद उनके बेटे यासिर शाह को भी राज्यमंत्री बनाया गया।
डॉ. वकार कई सालों से बहराइच की एक सीट पर काबिज हैं और मुस्लिम वोटों पर उनकी खासी पकड़ है। डॉ. वकार अहमद शाह कैबिनेट मंत्री थे और लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं।
अब कयास भी लगाई जा रही थी कि बहराइच की मटेरा सीट से विधायक उनके बेटे यासिर को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है।
विदेश में थे, सो नहीं हुई शपथ
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 18 जनवरी को मंत्रिपरिषद विस्तार में प्रतापगढ़ जिले की रानीगंज सीट से विधायक प्रो. शिवाकांत ओझा को कैबिनेट मंत्री नामित किया था, लेकिन विदेश दौरे पर होने के कारण वे शपथ नहीं ले सके थे। ओझा को शपथ दिलाने के साथ ही शुक्रवार को दो-तीन राज्यमंत्रियों को प्रोन्नत करने की बात थी।
माना जा रहा है कि मुजफ्फरनगर दंगे के बाद वेस्ट यूपी में मुस्लिम समीकरण को साधने के लिए मुस्लिम चेहरों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है।
जिन मंत्रियों की प्रोन्नति हुई है, उनमें श्रम राज्यमंत्री शाहिद मंजूर मेरठ की किठौर सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं और मेरठ लोकसभा सीट से सपा प्रत्याशी भी हैं।
संभल सीट से विधायक और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री इकबाल महमूद तथा अमरोहा से विधायक और वस्त्र एवं रेशम उद्योग राज्यमंत्री महबूब अली भी प्रमोशन के दावेदार थे।
दोनों के लोकसभा क्षेत्रों में मुस्लिम मतों की अच्छी तादाद को देखते हुए पदोन्नत किया गया है।