मेट्रो ट्रायल में कुछ ही दिन बाकी, तेजी से पूरे किए जा रहे हैं काम
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केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के बीच मेट्रो रूट का डिजाइन फाइनल हो गया है। एलएमआरसी के प्लान के मुताबिक इस एलीवेटेड रूट पर मेट्रो हनुमान सेतु मंदिर के सामने से होते हुए आईटी चौराहा, फैजाबाद रोड होते हुए पॉलीटेक्निक चौराहे के फ्लाईओवर से गुजरेगी।
इस रूट का काम मार्च 2019 तक पूरा करना है। इस पर 675 करोड़ रुपये खर्च आएगा। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बुधवार को मीडिया को यह जानकारी दी। कुमार केशव ने बताया कि एलएंडटी को केडी सिंह बाबू स्टेडियम से आगे अक्तूबर के अंत या फिर नवंबर के पहले सप्ताह में काम शुरू करने के लिए कहा गया है।
उनकी टीम अब एलएमआरसी केअधिकारियों के साथ अपनी योजना को साझा करेगी। अभी तक बनी योजना के मुताबिक, इस 11.9 किमी लंबे एलीवेटेड रूट पर तीन स्पेशल स्पान होंगे। इसे हनुमान सेतु के पास, आईटी चौराहा और बादशाहनगर पर बनाया जाएगा। प्रायोरिटी सेक्शन पर केवल दो स्पेशल स्पान थे। इसे मवैया और अवध चौराहा पर बनाया गया।
नहीं लागू होगा ट्रैफिक डायवर्जन
एमडी ने बताया कि भूमिगत रूट की तरह यहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू नहीं किया जाएगा। यहां पर्याप्त जगह होने के कारण, इसकी जरूरत नहीं है। दूसरा, यह काम भूमिगत रूट की तरह कठिन नहीं है। जरूरी होने पर ट्रैफिक के संचालन को आसान बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की मदद ले ली जाएगी।
निदेशक महेंद्र कुमार ने बताया कि प्रोटोटाइप ट्रेन यानी चार कोच 30 नवंबर से पहले अलस्टॉम लखनऊ भेज देगी। इसके लिए लगातार उनसे अपडेट लिया जा रहा है। एमडी का कहना है कि एक दिसंबर से हर हाल में ट्रायल शुरू करना है। एस्कलेटर मुंबई पहुंच चुके हैं। अगले 10 दिन में एस्कलेटर लखनऊ पहुंच जाएंगे।
निदेशक दलजीत सिंह ने बताया कि ट्रायल शुरू होने में केवल 64 दिन बाकी हैं। सभी सिविल वर्क तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। मवैया से ट्रांसपोर्टनगर के बीच यू-गर्डर का काम पूरा हो चुका है।
16.4 किमी में से 12.5 किमी पटरी भी बिछ चुकी है। बिजली का काम भी शुरू हो चुका है। प्रायोरिटी सेक्शन को एयरपोर्ट से जोड़ने और अमौसी स्टेशन का निर्माण भी जारी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मांग पर थ्री-डी डिजाइन भी भेज दिया गया है।
अब यहां भूमिगत स्टेशन, एक सुरंग और यात्रियों के लिए रैंप बनाने के लिए अनुमति मिलने का इंतजार है। एमडी ने बताया कि अब तक सचिवालय स्टेशन के 14 पैनल लगाए जा चुके हैं। डायफ्राम वॉल के लिए ये पैनल जरूरी हैं। इस काम की गति बढ़ा दी गई है। पहले पांच दिन में एक पैनल लग रहा था। अब दो दिन में एक पैनल जमीन में डाल रहे हैं।