फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   men shared their feelings after being saved from burning hotel

जान तो बची लेकिन अपनी आंखों के सामने इन्होंने देखा मौत का मंजर

Wed, 20 Jun 2018 03:25 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 20 Jun 2018 03:25 PM IST
विज्ञापन
men shared their feelings after being saved from burning hotel
होटल में लगी आग - फोटो : amar ujala

बदहवास चेहरे, कांपते होंठ और जोर-जोर से धड़कता दिल। जेहन को अब भी यकीन करना मुश्किल कि जिस्म में जान बाकी है। आग के शोले आंखों को अलविदा कहने को तैयार नहीं। नाक और गले से धुएं की घुटन का एहसास जा नहीं रहा।

विज्ञापन


कान में चीखों के शोर ने जैसे घर बना लिया हो। कुछ ऐसी ही हालत है होटल में लगी भयानक आग में बच गए उन लोगों की जो हादसे के बाद सिविल अस्पताल लाए गए। यहां लाए गए आठ लोगों में से छः को मृत घोषित कर दिया गया।

विज्ञापन


वहीं एक की हालत नाजुक है। जिनकी जान बच गई उनकी आंखों में मौत का मंजर अब भी तैर रहा है। मालूम हो कि मंगलवार को चारबाग स्थित एसएसजे इंटरनेशनल और विराट होटल में लगी आग से छः लोग जिंदा जल गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन


 

सोते समय घुटने लगा दम तो खुली आंख 

men shared their feelings after being saved from burning hotel
इंदर शुक्ला - फोटो : amar ujala

सोते में अचानक दम घुटने लगा तो आंख खुल गई। आंख खुलने के बाद चारों तरफ अंधेरा था। समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। कमरा धुएं से भरा हुआ था, दम घुटा जा रहा था। मैं किसी तरह भाग कर कमरे के दरवाजे के पास पहुंचा।

दरवाजा खोलने के बाद देखा तो चारो ओर सिर्फ धुआं था और नीचे की तरह आग की लपटें थीं। ऐसे में रास्ता तक नजर आ रहा था। ऐसा लगा कि यह जीवन के आखिरी क्षण हैं। यह कहते-कहते बरेली के इंदर शुक्ला का गला भर आता है और आवाज लरजने लगती है।

वो बरेली से नौकरी के काम के लिए राजधानी आए थे और सोमवार शाम ही एसएसजे होटल में चेकइन किया था। मंगलवार सुबह यह हादसा हो गया। सेकंड फ्लोर के कमरा नंबर 208 में रुके इंदर बताते हैं कि नीचे के हिस्से में आग लगी थी तो जान बचाने के लिए ऊपर की तरफ भागे।

होटल में किसी भी फ्लोर पर इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं था। ऐसे में ऊपर जाना ही एकमात्र विकल्प था। अंदाजे से किसी तरह ऊपर पहुंचे तो पुलिस व दमकल की टीम ने सहारा देकर बमुश्किल बाहर निकाला।

खिड़की से कूदकर बचाई जान

men shared their feelings after being saved from burning hotel
आमिर - फोटो : amar ujala

कानपुर से लखनऊ घूमने के लिए आया था। तीसरी मंजिल पर रूम मिला था। रात में सोया सुबह घुटन से आंख खुल गई। आंख खुलने के बाद चारों तरफ धुआं भरा था। चीख पुकार मची थी। पूरा होटल धुएं से भरा हुआ था।

मैं जान बचाने के लिए बाहर की तरफ भागा लेकिन कोई दरवाजा नजर नहीं आया।नीचे आग थी और ऊपर जाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। आपबीती सुनाते-सुनाते कानपुर के आमिर की आंखें भीग गईं और आवाज लड़खड़ाने लगी।

मौत को इतने करीब से देखने का खौफ उनके चेहरे से साफ नजर आ रहा था। आमिर ने बताया धुएं की उस धुंध में कॉरिडोर की ओर एक खिड़की दिखाई दी। किसी तरह उस खिड़की का कांच तोड़कर बाहर की तरह कूदा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed