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यूपी में स्कैम: निजी गोदाम में मिलीं सेना को भेजी जाने वाली दवाएं, एक्सपायरी तिथि मिटाकर डाल देते थे नई डेट
Mon, 25 May 2026 09:29 AM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Mon, 25 May 2026 09:29 AM IST
सार
यूपी में सरकारी अस्पतालों और सेना को भेजी जाने वाली दवाएं निजी गोदाम में मिली हैं। इंसुलिन की एक्सपायरी तिथि को मिटाकर नई तिथि डालते थे। आगरा में मिले इनपुट के आधार पर प्रदेशभर में टीमें लगाई गई हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी में दवा स्कैम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सकारी अस्पताल और सेना को भेजी जाने वाली दवाएं यूपी में निजी गोदाम में मिली हैं। आगरा, अलीगढ़ और रुड़की में मिले इनपुट के आधार पर पूरे प्रदेश में जांच अभियान शुरू किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त ब्रजेश कुमार यादव के नेतृत्व में विभाग की विशेष टीम ने आगरा ने छापेमारी की। तीन दिन तक चली पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा हुआ है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यहां गोदाम में दवा के पैकेट पर लिखे मूल्य को मिटाकर फिजिशियन सैंपल लिख दिया जाता था। फिर इसे सस्ते दर पर छोलाछापकिे यहां भेजा जाता था। इसके लिए गोदाम से हर जिले के सेल्समैन निर्धारित हैं। ये छोटी बाजारों के झोलाछाप के यहां दवाएं पहुंचाते हैं।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक, यहां गोदाम में दवा के पैकेट पर लिखे मूल्य को मिटाकर फिजिशियन सैंपल लिख दिया जाता था। फिर इसे सस्ते दर पर छोलाछापकिे यहां भेजा जाता था। इसके लिए गोदाम से हर जिले के सेल्समैन निर्धारित हैं। ये छोटी बाजारों के झोलाछाप के यहां दवाएं पहुंचाते हैं।
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रास्ते में दवाओं का पैकेट बदल दिया जाता था
इसी तरह उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन के लिए तय की गई दवाएं भी मिली हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि सरकारी गोदाम से दवाएं अस्पताल के लिए भेजते वक्त खेल किया जाता था। बीच रास्ते में दवाओं का पूरा पैकेट बदल दिया जाता था।घटिया पैकेट सरकारी अस्पताल पहुंच जाते थे और कंपनी की दवाएं निजी गोदाम में भेज दी जाती थी। यहां से फिर फर्जी बिल पर अलग-अलग मेडिकल स्टोर तक भेजी जाती थी। इसी तरह से ईएसआई सप्लाई, सेंट्रल गर्वमेंट सप्लाई और सैन्य सप्लाई की भी दवाएं बरामद हुई हैं। ऐसे में अब पूरे प्रदेश में जांच शुरू कराई गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमें जिलेवार अपनी रिपोर्ट देंगी।
एक्सपायर इंसुलिन पर डालते थे नई तिथि
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि एक्सपायर इंसुलिन को इकट्ठा करते थे। फिर उस पर एक्सपायर तिथि मिटाकर नई तिथि दर्ज करते थे। फिर उसे ग्रामीण इलाके के मेडिकल स्टोर पर भेजते थे। इसी तरह रैबिज इंजेक्शन में भी खेल किया जाता था।सिर्फ वेयर हाउस तक की जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डा. उज्जवल कुमार ने बताया कि कार्पोरेशन वेयर हाउस तक दवाएं पहुंचाता है। वहां से जिले की गोदाम पर दवा पहुंचती है और फिर जिले से अलग- अलग अस्पाल। अभी तक एफएसडीए से कोई जानकारी नहीं दी गई है। फिर भी पूरा विवरण मंगाकर जांच कराई जाएगी।30 कंपनियों को नोटिस, दवाओं के रिकॉर्ड तलब
औषधि विभाग की टीम ने आगरा के फव्वारा स्थित झूलेलाल बाजार में पकड़े गए अवैध गोदाम में 30 कंपनियों की डेढ़ करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। टीम ने सूची बनाकर सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर दवाओं के रिकॉर्ड तलब किए हैं।ज्योति ड्रग हाउस के संचालक नारायण दास हंसराजानी के अवैध गोदाम में देश-विदेश की 30 नामी कंपनियों की 150 से अधिक सैंपल दवाएं मिली हैं। इसमें एंटीबायोटिक, मधुमेह, थायराइड, हृदय रोग, पेट रोग समेत कई मर्ज की दवाएं हैं। इनके पैकेट पर दर्ज कंपनी का नाम, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट समेत अन्य जानकारी की रिपोर्ट बनाई है।
अवैध गोदाम सील कर दिए गए
संबंधित कंपनियों को नोटिस भेजकर इनके रिकॉर्ड मांगे गए हैं। सैन्य और ईएसआई अस्पताल और सैंपल की दवाओं की कीमत एक करोड़ से अधिक है। दूसरी गोदाम से अब तक ढाई करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की हैं। मुख्य फर्म ज्योति ड्रग हाउस और दोनों अवैध गोदाम सील कर दिए हैं। पुनीत कटारा उसके यहां काम करता है।टीम ने भवन मालकिन मोहिनी हीरानी से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलाया और पुलिस की मौजूदगी गोदाम खोला गया। 37 बोरो में भरकर दवाओं को सीज कर दिया गया। जांच के लिए 10 नमूने लैब भेजे हैं। प्रथम तल पर स्थित ज्योति ड्रग हाउस में भी ऐसी दवाएं होने की आशंका है, ऐसे में जांच होने तक उसे भी सील कर दिया गया है।
दवाओं के अवैध भंडारण में दो प्राथमिकी दर्ज
आगरा में ज्योति ड्रग हाउस के मालिक दयालबाग के अमित विहार निवासी नारायण दास हंसराजानी के खिलाफ कोतवाली थाने में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एक प्राथमिकी में उनके कर्मचारी रेणुका बाग निवासी पुनीत कटारा को भी आरोपी बनाया गया है।औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार के मुताबिक कई जिलों के औषधि निरीक्षकों की टीम ने 22 मई को एक साथ ज्योति ड्रग हाउस पर छापा मारा। भवन स्वामी गोविंद राम ने बताया कि हंसराजनी ने यह गोदाम अपने कर्मचारी किशोर मेहता के नाम से किराए पर लिया था।