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Lucknow News: हिंदी और अन्य मातृभाषाओं में हो मेडिकल की पढ़ाई
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त्रिपुरा के सीएम का अभिवादन करतीं कुलपति।
लखनऊ। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के मुताबिक, भाषा सिर्फ संचार का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदना की डोर भी है। मेडिकल और तकनीकी शिक्षा में मातृभाषा के इस्तेमाल से औपनिवेशिक शिक्षा पद्धति पर निर्भरता कम होगी और मौलिक सुधार संभव होंगे। डॉ. साहा शुक्रवार को केजीएमयू में ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग और एसोसिएशन ऑफ ट्रॉमा एंड ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे।
केजीएमयू के पूर्व छात्र रहे डॉ. साहा को कॉन्फ्रेंस में मानद फेलोशिप भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अनुभव और नवाचार का संगम है। पहले भारत में विदेशी छात्र पढ़ने आते थे, लेकिन अब हम अपने बच्चों को विदेश भेज रहे हैं और इस पर गर्व भी करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सोच को बदला है।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डाॅ. अमिय अग्रवाल ने बताया कि पुनर्भवम् के नाम से हुआ यह कॉन्फ्रेंस केवल वैज्ञानिक संवाद का मंच नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सेवा भावना का प्रतीक भी है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को एपिटोम ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से अलंकृत किया गया। इस मौके पर प्रो. उमाशंकर पाल सिंह, डॉ. मदन मिश्रा, प्रो. केके सिंह, डाॅ. अरुणेश कुमार तिवारी और डाॅ. विभा सिंह मौजूद रहे।
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ट्रॉमा-2 में होगी मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की यूनिट
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ट्रॉमा के मामलों में बेहद अहम है। इसमें चेहरे से संबंधित चोटों का इलाज और सर्जरी की जाती है। इसको देखते हुए प्रस्तावित ट्रॉमा-2 में एक तल पर मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की यूनिट होगी। वार्ड और ओटी भी उपलब्ध कराई जाएगी, इससे घायलों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इनको मिली मानद फेलोशिप
डॉ. माणिक साहा, प्रो. यूएस पाल, प्रो. विजय कुमार, प्रो. समीर मिश्रा, प्रो. नितिन वर्मा, प्रो. पी. अनंतनारायणन
इनको मिली फेलोशिप
डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. अभिज्ञान मानस, डॉ. प्रियंकर सिंह, डॉ. संदीप कुमार पांडेय, डॉ. ले. कर्नल विशाल कुलकर्णी, डॉ. अश्विन प्रीतम कुमार, डॉ. प्रेमराज सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार पांडेय, डॉ. पद्मनिधि अग्रवाल, डॉ. रवि कुमार, डॉ. अंशू सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह।
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केजीएमयू के पूर्व छात्र रहे डॉ. साहा को कॉन्फ्रेंस में मानद फेलोशिप भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अनुभव और नवाचार का संगम है। पहले भारत में विदेशी छात्र पढ़ने आते थे, लेकिन अब हम अपने बच्चों को विदेश भेज रहे हैं और इस पर गर्व भी करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सोच को बदला है।
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कार्यक्रम के आयोजन सचिव डाॅ. अमिय अग्रवाल ने बताया कि पुनर्भवम् के नाम से हुआ यह कॉन्फ्रेंस केवल वैज्ञानिक संवाद का मंच नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सेवा भावना का प्रतीक भी है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद को एपिटोम ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से अलंकृत किया गया। इस मौके पर प्रो. उमाशंकर पाल सिंह, डॉ. मदन मिश्रा, प्रो. केके सिंह, डाॅ. अरुणेश कुमार तिवारी और डाॅ. विभा सिंह मौजूद रहे।
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ट्रॉमा-2 में होगी मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की यूनिट
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ट्रॉमा के मामलों में बेहद अहम है। इसमें चेहरे से संबंधित चोटों का इलाज और सर्जरी की जाती है। इसको देखते हुए प्रस्तावित ट्रॉमा-2 में एक तल पर मैक्सिलोफेशियल सर्जरी की यूनिट होगी। वार्ड और ओटी भी उपलब्ध कराई जाएगी, इससे घायलों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
इनको मिली मानद फेलोशिप
डॉ. माणिक साहा, प्रो. यूएस पाल, प्रो. विजय कुमार, प्रो. समीर मिश्रा, प्रो. नितिन वर्मा, प्रो. पी. अनंतनारायणन
इनको मिली फेलोशिप
डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. अभिज्ञान मानस, डॉ. प्रियंकर सिंह, डॉ. संदीप कुमार पांडेय, डॉ. ले. कर्नल विशाल कुलकर्णी, डॉ. अश्विन प्रीतम कुमार, डॉ. प्रेमराज सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार पांडेय, डॉ. पद्मनिधि अग्रवाल, डॉ. रवि कुमार, डॉ. अंशू सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार सिंह।