मिशन 2017 के लिए मायावती ने किए बड़े बदलाव!
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बसपा अध्यक्ष मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में कुछ कड़े फैसले लिए। उन्होंने सभी लोकसभा कमेटियां भंग कर दीं। मिर्जापुर के कोआर्डिनेटर को हटा दिया। विधानसभा और सेक्टर स्तर पर संगठन के ढांचे में फेरबदल किया गया है।
फैसला हुआ है कि अंबेडकर जयंती राजधानी लखनऊ में बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। इसमें हर विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ताओं को लाया जाएगा।
मायावती ने प्रदेश पदाधिकारियों व मंडल कोआर्डिनेटरों के साथ लंबी बैठक की। पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें संगठनात्मक तैयारी, सर्वसमाज में जनाधार को बढ़ाने के काम की प्रगति रिपोर्ट के साथ ही अपने-अपने क्षेत्र की ताजा राजनीतिक स्थिति का ब्योरा रखा।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि संगठन के काम का जो लक्ष्य तय किया गया था, उसका 55 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है। संगठन में युवाओं को 50 प्रतिशत भागीदारी देने का काम भी पूरा नहीं हुआ।
उन्हें युवाओं की हिस्सेदारी को प्रभावी तरीके से लागू और संगठन में नए लोगों को मौका देने के लिए कहा। वर्ष 2014 के आम चुनाव से पहले लोकसभा कमेटियां गठित करने के प्रयोग को सफल नहीं माना गया और सभी कमेटियां भंग कर दी गईं।
इन पर गिरी गाज
कई शिकायकों के चलते बसपा सुप्रीमो ने मिर्जापुर के कोआर्डिनेटर दीपचंद भारती पर गाज गिराई है। उनका पत्ता साफ कर दिया गया। तय हुआ कि विधानसभा इकाइयों में सचिव अब महासचिव कहलाएंगे।
सेक्टर इकाई में अब प्रभारी के अलावा चार महामंत्री थे। अब महामंत्री पांच हुआ करेंगे। 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय हुआ।
राजधानी लखनऊ में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ताओं को बसों के जरिये लाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी संगठन के साथ ही विधायकों, पूर्व विधायकों, सांसदों, पूर्व सांसदों आदि को सौंपी गई है।
मंडल स्तर पर समीक्षा करेंगी मायावती
बसपा सुप्रीमो ने पदाधिकारियों को संकेत दिए कि आने वाले दिनों में वह मंडल और जिला स्तर पर जाकर संगठन की समीक्षा शुरू करेंगी।
ऐसी संभावना है कि इसका खाका 15 अप्रैल को होने वाली अगली बैठक में तैयार किया जाएगा। इस बैठक में बसपा की चुनावी तैयारियों की रूपरेखा भी की जाएगी।