मायावती ने केंद्र पर लगाया विश्वविद्यालयों का राजनीतिकरण करने का आरोप
बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र की भाजपा सरकार पर उच्च शिक्षण संस्थानों का राजनीतिकरण करने और आरएसएस के एजेंडे को थोपने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालयों में पढ़ने-पढ़ाने का माहौल खराब हो रहा है।
मायावती ने एक बयान जारी कर कहा है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में केंद्र सरकार की दखलंदाजी बढ़ गई है। हैदराबाद विश्वविद्यालय, जेएनयू के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रवेश आवेदन से जुड़ी घटनाओं से साफ है कि वहां मानव संसाधन विकास मंत्रालय की बेवजह दखलंदाजी लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं व सांसदों की राजनीति की वजह से इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति ने इस्तीफे तक की चेतावनी दे डाली थी। बाद में सपा के लोग भी इस मामले में कूद गए।
दखलंदाजी व राजनीति बंद हो
उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सपा व भाजपा आपस में मिलकर विश्वविद्यालयों का माहौल खराब करने में लगे हैं। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में अनुचित दखलंदाजी व राजनीति बंद की जानी चाहिए।
माल्या को कठघरे में लाना जरूरी
बसपा सुप्रीमो ने उद्योगपति विजय माल्या को ब्रिटेन से वापस लाकर अपराधों के लिए न्यायालय के कठघरे में खड़ा करने की मांग की है।
मायावती ने कहा है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो यही माना जाएगा कि केंद्र की एनडीए सरकार ने ही पहले उसे देश से भगाने और फिर बचाने की साजिश रची है।