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सपा के राज में ही क्यों होते हैं दंगे: स्वामी प्रसाद

Mon, 09 Sep 2013 02:31 AM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
महेंद्र तिवारी/लखनऊ Updated Mon, 09 Sep 2013 02:31 AM IST
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Maurya blames sp party for muzzafarpur riots

बसपा ने मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा का ठीकरा सपा सरकार पर फोड़ा है।

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बसपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य व नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने रविवार को कहा कि सूबे में जब से सपा सरकार बनी है प्रदेश की कानून व्यवस्था गुंडों माफिया, अपराधियों व असामाजिक तत्वों के हवाले हो गई है। पूरा प्रदेश जंगलराज बन गया है।

सरकार सांप्रदायिक शक्तियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल हो गई है। बसपा नेताओं ने राज्यपाल से प्रदेश सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की केंद्र से सिफारिश करने की अपील की है।
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बसपा के प्रदेश कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में मौर्य ने कहा कि मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा का सूत्रपात 27 अगस्त को ही हो गया था।

एक लड़की के विवाद को लेकर दो पक्षों में संघर्ष और तीन लोगों की मौत हो गई। यदि प्रशासन तभी सावधान हो जाता तो ये वीभत्स रूप देखने को नहीं मिलता।

उन्होंने सवाल किया कि 27 अगस्त की घटना के बाद दोनों पक्षों को शक्ति प्रदर्शन का अवसर क्यों और किस हालात में दिए गए? इस सवाल पर गौर किया जाना चाहिए।

यह बात सामने आनी चाहिए कि 6 व 7 सितंबर को दोनों पक्षों की ओर से शक्ति प्रदर्शन का कार्यक्रम कराए जाने के पीछे कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं? इस कार्यक्रम की इजाजत दी गई या नहीं?
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यदि दी गई तो किसने दिया और यदि नहीं तो बिना इजाजत कार्यक्रम कैसे हुआ? इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद दोषी अफसरों को वहीं बनाए रखना सरकार की असफलता दर्शाता है।

सपा सरकार आते है क्यों शुरू हो जाते हैं दंगे?
सिद्दीकी ने कहा कि शामली और सुल्तानपुर की घटनाओं की आग बुझ भी नहीं पाई कि मुजफ्फरनगर जल उठा। उन्होंने कहा कि बीएसपी शासनकाल में एक भी सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई।

सवाल ये है कि सपा सरकार आते ही इस तरह के दंगे कैसे शुरू हो जाते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और भाजपा ने मिलकर 84 कोसी परिक्रमा के जरिए हिंदू और मुस्लिमों में खाईं पैदा करने की असफल कोशिश की थी।


अब लोगों को अंदाजा हो गया है कि लोकसभा चुनाव के पहले ऐसी चीजें जानबूझकर कराई जा रही हैं। उन्होंने मुजफ्फरनगर के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

हिंसा से किसी को भी कुछ हासिल होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बसपा शांति व अनुशासन को मानने वाली पार्टी है। उसके नेता या कार्यकर्ता कभी हिंसा के हिस्सा नहीं बन सकते।

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