{"_id":"6747893436eb5a62ea09a62e","slug":"malnourished-children-are-more-at-risk-of-diarrhea-and-pneumonia-lucknow-news-c-13-1-lko1029-970749-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: कुपोषित बच्चों में डायरिया, निमोनिया का खतरा ज्यादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: कुपोषित बच्चों में डायरिया, निमोनिया का खतरा ज्यादा
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाल रोग विभाग की डॉ. सीतांशु श्रीवास्तव के मुताबिक कुपोषित बच्चों में डायरिया, निमोनिया का खतरा ज्यादा होता है। छह महीने से कम उम्र वाले कुपोषितों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होती है, क्योंकि इनका इलाज मुश्किल होता है। वे संस्थान में गंभीर कुपोषण से ग्रसित बच्चों की देखभाल के लिए आयोजित राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रही थीं।
डॉ. सीतांशु ने बताया कि छह माह से कम आयु वाले कुपोषित बच्चों को कई बार विशेष आहार दिया जाता है। उनकी उम्र के हिसाब से खिलौने दिए जाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने किया। डॉ. सूर्यांशु ओझा ने कहा, प्रदेशभर के डॉक्टरों को कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षित करना होगा। नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सलाहकार डॉ. एके रावत, यूनिसेफ के पोषण अधिकारी डॉ. रविश शर्मा मौजूद रहे।
डॉ. सीतांशु ने बताया कि छह माह से कम आयु वाले कुपोषित बच्चों को कई बार विशेष आहार दिया जाता है। उनकी उम्र के हिसाब से खिलौने दिए जाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने किया। डॉ. सूर्यांशु ओझा ने कहा, प्रदेशभर के डॉक्टरों को कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षित करना होगा। नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सलाहकार डॉ. एके रावत, यूनिसेफ के पोषण अधिकारी डॉ. रविश शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन