अयोध्या में मंदिर नहीं, बनेगा राम का म्यूजियम
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बताया जा रहा है कि महेश शर्मा यहां राम और रामायण म्यूजियम के लिए बड़ी रकम के साथ कई सौगातों की घोषणा कर सकते हैं। खबरों के मुताबिक यूपी सरकार राम और रामायण म्यूजियम के लिए जमीन दे चुकी है।
ये जमीन अयोध्या में विवादित परिसर से 10-15 किमी की दूरी पर है और करीब 25 एकड़ में फैला हुआ है। जानकारी में आया है कि सांस्कृतिक मंत्रालय ने म्यूजियम की ग्रांट 175 करोड़ को बढ़ाकर 225 करोड़ करने का फैसला लिया है। इस म्यूजियम में रामायण के सभी प्रसंगों का लाइव प्रस्तुतिकरण देखने को मिलेगा।
कई सौगातें दे सकते हैं पर्यटन मंत्री
बता दें कि अयोध्या-फैजाबाद को विश्व पर्यटन के नक्शे पर उभारने के उद्देश्य से वैसे तो केंद्रीय स्तर पर कई बार प्रयास शुरू हुआ लेकिन परवान न चढ़ सका। चार माह पूर्व अयोध्या दौरे पर आए केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी ने नगरी के विकास के लिए संभावित योजनाओं पर विमर्श किया था।
कहा था कि अयोध्या में विकास के ऐसे ढांचे का निर्माण होना चाहिए जिसमें जो भी अयोध्या आए, वह राम और रामायण में खो जाए। उसका रूप आधुनिकता में रहकर रामकालीन रूप में प्रस्तुत किए जाने का हो। उन्होंने रामायण सर्किट योजना के डिजिटल वर्क पर काम चालू होने की बात कही थी।
अब चार माह बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्री के आगमन को लेकर रामायण सर्किट के साथ ही अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को पक्का बनाने, राम-रामायण म्यूजियम, मार्ग के किनारे रामायण कालीन वृक्षों को लगवाने, जगह-जगह निवास व अन्य की व्यवस्था के अलावा राम वनगमन मार्ग को प्राचीन उद्धरण के अनुसार विकसित करने की योजना, राम पैड़ी के सौंदर्यीकरण, गुप्तार घाट पर घाटों के निर्माण, रामनगरी को उन्नत सड़कों व जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था की सौगात की घोषणा प्रबल हो गई है।
सांसद लल्लू सिंह के निजी सहायक अमित कुमार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा शाम तीन बजे कारसेवकपुरम में जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा में वह रामनगरी पर्यटन विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की सौगात की भी घोषणाएं कर सकते हैं।