यूपी में नहीं होगा मदरसा शिक्षकों का शोषण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मदरसा संचालक अब शिक्षकों का शोषण नहीं कर सकेंगे। इसके लिए सरकार शीघ्र ही मदरसा शिक्षक वेतन वितरण अधिनियम लाने जा रही है। इस अधिनियम केआने के बाद मदरसा संचालक अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। मदरसा शिक्षकों को हर महीने की तय तारीख पर वेतन मिल जाएगा।
अभी तक प्रदेश में मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन वितरण के लिए जो नियम कानून हैं उसमें मदरसा संचालकों को काफी शक्तियां दी गई हैं।
इस कारण कई बार वे मनमानी करने लग जाते हैं। प्रदेश सरकार बजट तो दे देती है लेकिन मदरसा संचालक समय पर शिक्षकों के वेतन बिल ही प्रस्तुत नहीं करते हैं।
बिल पेश न होने के कारण डीएमओ (जिला अल्पसंख्यक अधिकारी) भी वेतन नहीं दे पाते हैं। ऐसे में मदरसा शिक्षकों व कर्मचारियों को आए दिन मदरसा संचालक व डीएमओ के पास चक्कर लगाने पड़ते हैं।
जल्द मिल सकती है कैबिनेट मंजूरी
इसी को देखते हुए सरकार अब इनके वेतन वितरण के नियम व शर्तों को अधिनियम का रूप देने जा रही है। अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय का यह प्रस्ताव फिलहाल कानूनी सलाह के लिए विधि विभाग में गया हुआ है।
वहां से आने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इसके लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में मदरसा शिक्षकों के वेतन वितरण की एक जैसी व्यवस्था लागू हो जाएगी।
यह अधिनियम माध्यमिक शिक्षा की तरह ही होगा। इसके अस्तित्व में आने के बाद सरकार भी समय पर बजट जारी करने के लिए बाध्य होगी।
साथ ही हर महीने की तय तारीख पर मदरसा प्रबंधकों को वेतन बिल पेश करना ही होगा। इसके बाद डीएमओ वेतन बिल पर हस्ताक्षर कर शिक्षकों के खाते में वेतन डलवाएंगे।
प्रबंधकों के अधिकार होंगे कम
अभी तक मदरसा शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन मदरसा संचालक व डीएमओ दोनों के हस्ताक्षर से निकलता है। मदरसा प्रबंधन को हर महीने वेतन का बिल डीएमओ के पास पेश करना होता है।
इसी के बाद डीएमओ वेतन निकालते हैं, लेकिन कई बार संचालक किसी शिक्षक से चिढ़ जाते हैं तो वेतन बिल नहीं भेजते हैं। इस कारण सभी का वेतन लटक जाता है।
इसके बाद शासन के पास यह अधिकार होता है कि वह हस्तक्षेप कर अपने स्तर से वेतन निकलवा दे, लेकिन इसमें तीन से चार महीने लग जाते हैं।
वेतन वितरण अधिनियम में यह अधिकार डीएमओ को देने की तैयारी है। यदि कोई मदरसा संचालक वेतन बिल पेश नहीं करता है तो डीएमओ सिंगल ऑपरेशन से खुद ही वेतन दिलवा सकेंगे।
वेतन अधिनियम के फायदे
- मदरसा शिक्षकों व कर्मचारियों को हर महीने तय समय पर वेतन मिल सकेगा
- प्रबंधन को हर महीने की 20 से 25 तारीख के बीच वेतन बिल पेश करना होगा
- बजट न आने पर भी सरकारी कर्मचारियों की तरह इन्हें वेतन मिल सकेगा
- संचालकों की मनमानी पर लगेगा अंकुश, डीएमओ दे सकेंगे उन्हें नोटिस
- प्रबंधक मनमानी करते हैं तो डीएमओ को वेतन देने का अधिकार
अल्पसंख्यक कल्याण विभग के निदशक फैजुर्रहमान कहते हैं कि वेतन वितरण अधिनियम आने के बाद मदरसा शिक्षकों को तय समय पर वेतन मिल जाएगा। कई बार प्रबंधक शिक्षकों से विवाद होने के कारण वेतन बिल ही प्रस्तुत नहीं करते। ऐसे में डीएमओ अपनी तरफ से शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन दे देंगे। इससे हजारों शिक्षकों का फायदा होगा।