अब मदरसों के छात्र भी हासिल करेंगे ऑनलाइन तालीम, प्रदेश सरकार ने दी मंजूरी
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अब मदरसों के छात्र-छात्राएं भी ऑनलाइन तालीम हासिल कर सकेंगे। इसके लिए यूपी डेस्को एक एप तैयार करेगा। इस पर दीनियात (धर्मशास्त्र) और हिंदी, उर्दू व अंग्रेजी में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम उपलब्ध रहेगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है।
मदरसा शिक्षा परिषद से इस समय 16,460 मान्यता प्राप्त और 558 अनुदानित मदरसे संचालित हैं। वर्ष 2017 में सरकार ने तैतानिया (कक्षा 1 से 5 ) फोकानिया ( कक्षा 5 से 8 ) और आलिया व उच्च आलिया स्तर ( हाई स्कूल व उसके ऊपर) के मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई की मंजूरी दी थी। तैतानिया और फोकानिया के बच्चों की हिंदी, अंग्रेजी, गणित व सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई बेसिक शिक्षा परिषद की किताबों से होती है।
वहीं, आलिया व उच्च स्तर के मदरसों में विकल्प के तौर पर शामिल गणित, विज्ञान, कंप्यूटर, इतिहास व भूगोल को बतौर अनिवार्य विषय मंजूरी दी गई थी। इस दौरान यह निर्णय लिया गया था कि हिंदी व अंग्रेजी को छोड़कर सभी विषयों की किताबें उर्दू में होंगी ताकि उर्दू को मजबूती मिलने के साथ ही बोर्ड का औचित्य भी बरकरार रहे।
गैर अनुदानित मदरसों को भी मिलेगा फायदा
मोबाइल एप पर एनसीईआरटी की शिक्षण सामग्री उपलब्ध होने का सबसे बड़ा फायदा गैर अनुदानित मदरसों को मिलेगा। अब बच्चों को किताबों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। वहीं एप पर दीनियात की किताबें भी आसानी से उपलब्ध होंगी। बोर्ड ने बीते साल अनुदानित मदरसों को तो एनसीईआरटी की किताबें निशुल्क दी थीं, जबकि गैर अनुदानित मदरसों को यह लाभ नहीं मिल सका था।
मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने बताया कि एप को मदरसा पोर्टल से जोड़कर सभी मदरसों को लिंक भेजा जाएगा। इसका मकसद ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही बच्चों को शिक्षण सामग्री आसानी से मुहैया कराना है। एप पर मौजूद पाठ्यक्रम से मदरसा प्रबंधन को किसी तरह का संशय भी नही रहेगा। सरकार ने एप तैयार करने की जिम्मेदारी यूपी डेस्को को दी है।