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सेहत पर संकट: तहरीर मिलने के छह दिन बाद भी फर्जी डॉक्टरों पर नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट, पत्रावलियां पुलिस के पास

Fri, 28 Aug 2026 09:56 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Fri, 28 Aug 2026 09:56 AM IST
सार

तहरीर मिलने के छह दिन बाद भी फर्जी डॉक्टरों पर रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। बोर्ड कार्यालय से सभी पत्रावलियां पुलिस ला चुकी है। फिर भी पूरे मामले में जांच की दुहाई दी जा रही है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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no report was filed against fake doctors Six days after receiving complaint files were with police
docter demo - फोटो : संवाद

विस्तार

उत्तर प्रदेश में फर्जी तरीके से आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में पंजीयन कराने वाले 41 फर्जी डॉक्टरों पर तहरीर मिलने के छह दिन बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कर सकी है। पूरे मामले में जांच की दुहाई दी जा रही है।

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आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड में 41 लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए पंजीयन करा लिया और डॉक्टर बन गए। अप्रैल 2025 में जांच हुई तो मामले का खुलासा हुआ। इनके खिलाफ अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। ये धड़ल्ले से मरीजों का उपचार कर रहे हैं। अमर उजाला ने मामले को उठाया तो शनिवार को बोर्ड के अधिकारियों ने तहरीर दी। 
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डीसीपी मध्य विक्रांतवीर ने तहरीर को हुसैनगंज थाने भेजा। पुलिस ने पत्रावलियों की पड़ताल की। बोर्ड कार्यालय जाकर कुछ दस्तावेज भी लिए। इसके बाद भी बृहस्पतिवार शाम तक हुसैनगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की है। इसे लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हैं। हुसैनगंज एसओ शिवमंगल सिंह ने बताया कि पत्रावलियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट डीसीपी को भेज दिया है। अब डीसीपी इस मामले में निर्णय लेंगे कि एफआईआर कब दर्ज की जानी है।

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बोर्ड का नए सिरे से होगा गठन

करीब दो साल से विवादों में घिरे आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड का नए सिरे से गठन होगा। इसके लिए बोर्ड सदस्यों का चुनाव कराया जाएगा। चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। जल्द ही चुनाव की तिथियां जारी होंगी। बोर्ड का कार्यकाल 28 अप्रैल 2025 को पूरा हो चुका है। कार्यकाल बढ़ाने के लिए मामला हाईकोर्ट में गया। 


हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में विभाग ने बोर्ड गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने चुनाव की अधिसूचना जारी कर दिया है। बोर्ड की चुनाव प्रक्रिया 117 दिन में पूरी होती है। बोर्ड में आयुर्वेदिक शैक्षिक संस्थाओं के अध्यापकों द्वारा दो, यूनानी के अध्यापकों द्वारा एक, आयुर्वेद विभाग में पंजीकृत चिकित्सकों (वैद्य) द्वारा छह और यूनानी (हकीम) द्वारा तीन सदस्य चुने जाते हैं। 

अध्यक्ष का मनोनयन राज्य सरकार करेगी

10 सितंबर तक सूची तैयार होगी। फिर नामांकन होगा। चुनाव दिसंबर में पूरा हो जाएगा। पांच सदस्यों को राज्य सरकार नामित करेगी। जिन विश्वविद्यालयों में आयुष की फैकल्टी है, वहां से भी एक-एक सदस्य नामित किए जाएंगे। ये सभी मिलकर उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। अध्यक्ष का मनोनयन राज्य सरकार करेगी।

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