मदरसा प्रबंधक नहीं चाहते ऑन लाइन छात्रवृत्ति
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मदरसों के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति ऑनलाइन खातों में न जाए इसके लिए मदरसा प्रबंधक पूरी ताकत लगाये हुए हैं। सरकार के निर्णय के खिलाफ अब तक चार-पांच वाद न्यायालयों में दाखिल हो चुके हैं।
हालांकि सरकार भी अपने निर्णय पर अडिग है और मदरसा प्रबंधकों से न्यायालय में लड़ाई लड़ रही है।
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग छात्र-छात्राओं को प्री-मैट्रिक व पोस्ट मैट्रिक के साथ ही मेरिट कम मीन्स के तहत छात्रवृत्ति देता है। सरकार ने ये छात्रवृत्ति ऑनलाइन देने का फैसला लिया है।
इससे छात्र-छात्राओं का वजीफा सीधे उनके बैंक खाते में जाने लगा। मदरसा संचालक इसका विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में संचालक न्यायालय का भी सहारा लिया है।
सरकार अ़डिग, नहीं बदलेगी अपना फैसला
सरकार अब तक दो वादों को खारिज करा चुकी है। गौरतलब है कि अब तक मदरसा संचालकों के खाते में ही छात्रवृत्ति का पैसा दे दिया जाता था।
इसके बाद वे अपने यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पैसा बांटने में खेल करते थे। इन्हीं शिकायतों के चलते सरकार ने वजीफा सीधे छात्रों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण फैजुर्रहमान कहते हैं कि छात्रवृत्ति का पैसा सीधे छात्रों के खाते में ही दिया जाएगा। इसके लिए चाहे जितनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी सरकार पीछे नहीं हटेगी।
अब तक कई वाद खारिज कराये जा चुके हैं। एक-दो वाद और बचे हैं शीघ्र ही उनका भी निस्तारण हो जाएगा।
केंद्र सरकार भी अपनाएगी यही जरिया
केंद्र सरकार भी अब छात्रवृत्ति का पैसा सीधे बैंक खाते में देने जा रही है। सरकार ने दो योजनाओं मेरिट कम मीन्स व पोस्ट मैट्रिक में यह निर्णय लिया है। अभी तक केंद्र सरकार प्रदेश सरकार को पैसा भेजती थी।
इसके बाद प्रदेश सरकार उन्हें मदरसा संचालकों को देती थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने नया सिस्टम लागू कर दिया है। अब प्रदेश सरकार केवल डिमांड भेजेगी।
इसके साथ ही छात्रों के विवरण व उनका बैंक खाता नंबर देना होगा। इसी खाते में सीधे केंद्र सरकार छात्रवृत्ति का पैसा ट्रांसफर करेगी। हालांकि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की व्यवस्था पहले की ही तरह चलती रहेगी।