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Lucknow News: गर्भावस्था में बाईं करवट लेटने से शिशु को मिलती है बेहतर ऑक्सीजन

Sun, 31 Aug 2025 02:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 02:19 AM IST
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Lying on the left side during pregnancy provides better oxygen to the baby
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में मातृ प्रजनन स्वास्थ्य (एचआरएच) विभाग की प्रमुख प्रो. मंदाकिनी प्रधान के मुताबिक गर्भावस्था के दाैरान महिलाओं को बाईं करवट लेटना चाहिए। इससे गर्भस्थ शिशु को बेहतर ढंग से ऑक्सीजन मिलती है। प्रो. प्रधान शनिवार को संजय गांधी पीजीआई में स्टिल बर्थ सोसाइटी ऑफ इंडिया (एसबीएसआईकॉन-2025) में बोल रही थीं।
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उन्होंने कहा कि अगर भ्रूण की गति अचानक कम हो या बंद हो जाए तो यह गंभीर समस्या हो सकती है। तुरंत डाॅक्टर के पास जाना चाहिए। गर्भनाल या प्लेसेंटा में समस्या गंभीर होने पर तत्काल प्रसव ही एकमात्र उपाय रहता है। ऐसा न करने पर महिला की जान को खतरा हो सकता है।
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डा. अशना असरफ ने बताया कि सभी गर्भवती महिलाओं का ब्लड प्रेशर और वजन हर महीने जांचना चाहिए। पौष्टिक आहार के साथ ही समय-समय पर अस्पताल जाकर नियमित जांच कराना भी जरूरी है। डा. नैनी टंडन ने बताया कि गर्भावस्था में एक से पांच प्रतिशत महिलाओं को शरीर में खुजली की समस्या हो सकती है। यह समस्या लिवर में बाइल एसिड बढ़ने से हो सकती है। समय पर दवाएं देकर इसका उपचार हो जाता है।
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भ्रूण का विकास रुकने से होते हैं 30 फीसदी मृत शिशु जन्म
एसबीएसआईकॉन-2025 की सचिव डाॅ. तमकीन खान ने बताया कि मृत शिशु जन्म (स्टिल बर्थ) के 30 फीसदी मामलों में फीटल ग्रोथ रेस्ट्रिक्शन (एफजीआर) पाया जाता है। एफजीआर में बच्चा अपने समय के हिसाब से वजन और लंबाई में पीछे रह जाता है। कई बार शिशु कम वजन के साथ पैदा होते हैं। यह भी बड़ी समस्या होती है।

ग्रामीण क्षेत्र में जांच की स्थिति खराब
एमआरएच विभाग की प्रो. इंदुलता साहू ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान परीक्षण (एंटी नेटल केयर) की सुविधा शहरी क्षेत्र में 97.2 फीसदी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में यह महज 77.2 फीसदी ही रह जाती है। इस स्थिति में सुधार किया जा सकता है।
गर्भावस्था में इनका रखें ध्यान
नियमित रूप से बीपी की जांच करें, पाैष्टिक आहार लें, खून की कमी न होने दें, दिल और किडनी की बीमारियों में विशेष ध्यान रखें।
गर्भावस्था में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
पेट में तेज दर्द, रक्तस्राव, पानी का स्राव, सिरदर्द और धुंधला दिखना, पूरे शरीर में खुजली, सामान्य से ज्यादा प्रसव अवधि।
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